मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में अवैध, फर्जी और स्वास्थ्य विभाग के तय मानकों के विपरीत संचालित हो रहे निजी अस्पतालों के खिलाफ प्रशासन ने अपनी कार्रवाई बेहद तेज कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुनील तेवतिया के कड़े दिशा-निर्देशों के अंतर्गत रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शामली रोड पर बड़ी छापेमारी की। इस औचक निरीक्षण के दौरान बिना वैध पंजीकरण और अधूरे दस्तावेजों के धड़ल्ले से चल रहे दो बड़े निजी अस्पतालों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध क्लीनिक और अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
शामली रोड पर स्वास्थ्य विभाग का औचक छापा, नहीं मिले रजिस्ट्रेशन के कागज
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महक सिंह के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई थी। टीम ने रविवार को शामली रोड स्थित ‘हिमालयन हॉस्पिटल’ और ‘वन वर्ल्ड हॉस्पिटल’ पर अचानक छापा मारा। निरीक्षण के दौरान जब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने दोनों अस्पताल संचालकों से चिकित्सालय के संचालन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एनओसी, डॉक्टरों के पैनल और मुख्य रूप से स्वास्थ्य विभाग में अनिवार्य पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे, तो अस्पताल प्रबंधन कोई भी ठोस या पूर्ण अभिलेख प्रस्तुत करने में पूरी तरह नाकाम रहा।
मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, तुरंत लगाए गए सरकारी ताले
निर्धारित मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने और वैध कागजात न होने के कारण उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महक सिंह ने दोनों अस्पतालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। उन्होंने जनहित और मरीजों की सुरक्षा को खतरे में देखते हुए ‘हिमालयन हॉस्पिटल’ और ‘वन वर्ल्ड हॉस्पिटल’ को तत्काल प्रभाव से बंद कराते हुए मुख्य द्वारों को सील कर दिया।
कार्रवाई के दौरान डॉ. महक सिंह ने मीडिया को बताया कि बिना वैध अभिलेखों, प्रशिक्षित स्टाफ और शासन द्वारा निर्धारित अनिवार्य चिकित्सा मानकों के बिना किसी भी अस्पताल या नर्सिंग होम को संचालित करने की अनुमति किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी। आम जनता की जिंदगी और स्वास्थ्य सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस पूरी छापामार कार्रवाई के दौरान सीएमओ कार्यालय के स्टेनोग्राफर पाकेश कुमार भी मुख्य रूप से मौजूद रहे और सीलिंग की विधिक प्रक्रिया को दर्ज किया।
सीएमओ की दोटूक चेतावनी, जारी रहेगा अवैध क्लीनिकों पर ‘प्रहार’
इस बड़ी कामयाबी और सीलिंग की कार्रवाई के बाद मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने सख्त लहजे में चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि जनपद के शहरी और ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से चल रहे क्लीनिकों, पैथोलॉजी लैबों और अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का यह सघन चेकिंग अभियान आगे भी निरंतर और अधिक आक्रामक रूप से जारी रहेगा। सीएमओ ने साफ किया कि जिले में जितने भी निजी चिकित्सा संस्थान संचालित हैं, वे शासन द्वारा तय किए गए नियमों और मानकों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। यदि भविष्य में कोई भी संस्थान बिना नवीनीकरण या बिना वैध कागजात के मरीजों का इलाज करता हुआ पाया गया, तो उनके खिलाफ न केवल सीलिंग बल्कि एफआईआर (FIR) दर्ज कराकर जेल भेजने की कठोर दंडात्मक विधिक कार्रवाई की जाएगी।



