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शामली के सुन्ना गाँव में सजा स्वावलंबन कैंप, एक ही छत के नीचे मिली सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन की जानकारी

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शामली। उत्तर प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर व सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। महिला कल्याण विभाग की ओर से शुक्रवार को विकास खंड कांधला के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सुन्ना में एक भव्य स्वावलंबन कैंप यानी ग्राम चौपाल का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष कैंप का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचल की महिलाओं, युवतियों और आम नागरिकों को केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, महिला सुरक्षा से जुड़े कड़े कानूनों और आपातकालीन हेल्पलाइन सेवाओं के प्रति विस्तार से जागरूक करना रहा।

विभागीय टीमों ने खोला योजनाओं का पिटारा, सुमंगला और बाल सेवा योजना की दी जानकारी

ग्राम चौपाल के दौरान महिला कल्याण विभाग तथा हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन की संयुक्त टीम ने उपस्थित ग्रामीणों के बीच पहुंचकर सरकार की नीतियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद जेंडर स्पेशलिस्ट कुलदीप शर्मा ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की बारीकियों को समझाया कि कैसे बेटी के जन्म से लेकर उसकी उच्च शिक्षा तक सरकार वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और मुख्यमंत्री निराश्रित महिला पेंशन योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए गाँव के पात्र लाभार्थियों को तत्काल इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए फॉर्म भरने हेतु प्रेरित किया।

कानूनी अधिकारों की पाठशाला: बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ दी कड़क चेतावनी

इस स्वावलंबन कैंप में केवल योजनाओं की जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि महिलाओं और बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति भी सजग किया गया। टीम द्वारा समाज में फैली कुरीतियों पर प्रहार करते हुए दहेज प्रतिषेध कानून, बाल विवाह निषेध अधिनियम और बाल श्रम निषेध कानून के कड़े प्रावधानों से ग्रामीणों को अवगत कराया गया। महिलाओं के अधिकारों से संबंधित विभिन्न विधिक प्रावधानों की जानकारी देते हुए वक्ताओं ने ग्रामीणों को स्वगणना के प्रति जागरूक किया और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने के लिए सामाजिक सहभागिता बढ़ाने का संदेश दिया।

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इसके अलावा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, पति की मृत्यु के उपरांत दी जाने वाली निराश्रित महिला पेंशन, पुनर्विवाह दंपति पुरस्कार योजना, दहेज प्रताड़ना से पीड़ित महिलाओं को मिलने वाली मुफ्त कानूनी सहायता, दहेज के कारण परित्यक्त (छोड़ी गई) महिलाओं को दी जाने वाली आर्थिक सहायता, निराश्रित महिला की पुत्री के विवाह हेतु अनुदान योजना, उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष तथा बच्चों की पढ़ाई के लिए संचालित स्पॉन्सरशिप योजना के बारे में ग्रामीणों को विस्तार से बताया गया ताकि कोई भी जरूरतमंद जानकारी के अभाव में वंचित न रह जाए।

संकट के समय मददगार बनेंगे ये सुरक्षा नंबर, उंगलियों पर रटाई गई आपातकालीन सेवाएं

ग्रामीण महिलाओं और बच्चों की चौतरफा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा जारी सभी महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की उपयोगिता को बेहद सरल भाषा में समझाया गया। कैंप में उपस्थित महिलाओं और किशोरियों को सुरक्षा कवच के रूप में आपातकालीन नंबर एक सौ बारह (112), वूमेन पावर लाइन दस नब्बे (1090), महिला हेल्पलाइन एक सौ बयासी (181), स्वास्थ्य सेवा एक सौ दो (102), एम्बुलेंस सेवा एक सौ आठ (108) और चाइल्ड हेल्पलाइन दस अनठानवे (1098) की कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया। महिलाओं को आश्वस्त किया गया कि यदि किसी बच्चे को किसी भी प्रकार की प्रताड़ना या संकट का सामना करना पड़ रहा हो, तो वे बिना किसी डर के चाइल्ड हेल्पलाइन दस अनठानवे (1098) पर संपर्क कर तत्काल सरकारी मदद प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा महिलाओं को विपरीत परिस्थितियों में तत्परता से काम आने वाले कानूनों का पाठ पढ़ाया गया।

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शिकायतों का मौके पर हुआ समाधान, प्रशासनिक अधिकारियों की रही गरिमामयी मौजूदगी

स्वावलंबन कैंप की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि यहाँ केवल संवाद ही नहीं हुआ, बल्कि ग्राम चौपाल के दौरान ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत की गई विभिन्न प्रशासनिक और सामाजिक शिकायतों का मौके पर ही त्वरित निस्तारण करने का प्रयास किया गया। इसके अतिरिक्त, जो शिकायतें अन्य तकनीकी या विकास विभागों से संबंधित थीं, उन्हें तत्काल संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक संज्ञान में भेजा गया ताकि प्राथमिकता के आधार पर उनका शीघ्र समाधान कराया जा सके।

इस महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक अवसर पर विभाग की सुपरवाइजर आंचल, ग्राम प्रशासक रविंद्र, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) से डीपीएमयू पवन प्रकाश व डीपीएमयू निलेश कुमार, ग्राम सचिव मुकुल बलदेव, हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन से जेंडर स्पेशलिस्ट कुलदीप शर्मा, सहायक लेखाकार अंकित कुमार समेत स्थानीय आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां तथा बहुत बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं उपस्थित रहीं।

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