गोरखपुर। ‘जनसेवा सर्वोपरि’ के अपने मूल मंत्र को ध्येय मानकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार सुबह मौसम प्रतिकूल होने और भारी बारिश के बावजूद आम जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए ‘जनता दर्शन’ का आयोजन किया। मूसलाधार बारिश के बीच दूर-दराज के जिलों से अपनी फरियाद लेकर पहुंचे लोगों से मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में मुलाकात की और बेहद आत्मीयता के साथ उनसे संवाद किया। पीड़ितों को ढाढस बंधाते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “घबराइए मत, आपकी हर समस्या का समाधान समयबद्ध तरीके से कराया जाएगा। सरकार हर जरूरतमंद की भरपूर मदद करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
बारिश के चलते सभागार में की गई व्यवस्था, कुर्सियों पर बैठे पीड़ितों तक खुद पहुंचे मुख्यमंत्री
शनिवार सुबह से हो रही तेज बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष निर्देश पर जनता दर्शन की व्यवस्था गोरखनाथ मंदिर परिसर में स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में की गई, ताकि खराब मौसम में आए लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभागार में कुर्सियों पर बैठाए गए करीब २५० लोगों के पास खुद जाकर एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके प्रार्थना पत्र लिए। उन्होंने पास में मौजूद प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या को पूरी संवेदनशीलता से सुना जाए और उसका तत्परता से समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
भू-माफिया और दबंगों पर कसें शिकंजा, गरीबों की जमीन हड़पने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई
जनता दर्शन के दौरान कई महिलाओं और ग्रामीणों ने पट्टीदारों (परिजनों) द्वारा आपसी विवाद और कुछ ने स्थानीय दबंगों व भू-माफियाओं द्वारा उनकी जमीनों पर अवैध कब्जा किए जाने की गंभीर शिकायतें दर्ज कराईं। इन मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पारिवारिक जमीनी विवादों में राजस्व विभाग की टीम भेजकर पैमाइश कराई जाए और पूरी निष्पक्षता से निस्तारण हो। इसके साथ ही उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि यदि किसी भी दबंग या रसूखदार ने किसी गरीब या असहाय व्यक्ति की जमीन पर जबरन कब्जा किया है, तो उसके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कठोरतम कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए खुलेगा सरकारी खजाना, इस्टीमेट प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश
हर बार की तरह इस बार भी जनता दर्शन में बड़ी संख्या में लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने ऐसे सभी मामलों में संवेदनशीलता दिखाते हुए अधिकारियों को मौके पर ही आदेश दिया कि वे मरीजों के इलाज से संबंधित अस्पताल के खर्च (इस्टीमेट) की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा कराकर शासन को भेजें। उन्होंने पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि धन के अभाव में किसी का भी इलाज नहीं रुकेगा और मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त धनराशि तत्काल आवंटित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने परंपरागत रूप से की गोसेवा, अपने हाथों से खिलाया गुड़-रोटी
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या पूरी तरह परंपरागत रही। प्रातः काल उन्होंने सबसे पहले शिवावतार गुरु गोरखनाथ के दर्शन-पूजन किए और अपने ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर जाकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात वे सीधे मंदिर की गोशाला पहुंचे, जहां उन्होंने काफी समय बिताया। मुख्यमंत्री ने गोशाला के गोवंश को नाम से पुकारते हुए अपने हाथों से गुड़ और रोटी खिलाई। गोसेवा के दौरान मुख्यमंत्री ने गायों की पीठ थपथपाकर उन पर खूब स्नेह बरसाया और गोशाला के सेवादारों को मौसम के अनुसार पशुओं के चारे व स्वास्थ्य की उचित देखभाल करने के निर्देश दिए।



