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नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश, लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले पांच गिरफ्तार

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नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा में लोन दिलाने के नाम पर मासूम लोगों को अपने जाल में फंसाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक अवैध कॉल सेंटर का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। शनिवार सुबह की गई इस त्वरित कार्रवाई में पुलिस ने मौके से दो महिलाओं सहित पांच शातिर ठगों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह फर्जी कॉल सेंटर सेक्टर दो के डी-ब्लॉक में एक कंपनी की आड़ में चलाया जा रहा था।

गुप्त सूचना पर पुलिस की छापेमारी

अपर पुलिस उपायुक्त (जोन प्रथम) मनीषा सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि थाना फेस-वन पुलिस को सेक्टर दो में एक अवैध कॉल सेंटर संचालित होने की पुख्ता सूचना मिली थी। जानकारी के अनुसार, इस सेंटर से देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों को फोन कर सस्ते ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा दिया जाता था और फिर फाइल चार्ज व अन्य प्रक्रियों के नाम पर मोटी रकम ऐंठ ली जाती थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने शनिवार सुबह बताए गए ठिकाने पर अचानक छापेमारी की।

गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी का विवरण

पुलिस ने मौके से पवन कुमार, मोहित, हर्ष शर्मा, स्वाती और प्रीति नामक पांच आरोपियों को रंगे हाथ दबोच लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने इस फर्जीवाड़े में इस्तेमाल होने वाले कई महत्वपूर्ण उपकरण और दस्तावेज भी बरामद किए हैं। बरामद सामानों में पांच मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, छह चेक बुक, बिलिंग बुक और एक इंटरनेट राउटर शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस के हाथ १६० कॉलिंग डाटा शीट भी लगी हैं, जिनमें हजारों संभावित शिकारों के फोन नंबर और निजी जानकारियां दर्ज थीं।

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कॉलिंग डाटा शीट से रचते थे ठगी का चक्रव्यूह

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने बताया कि वे विभिन्न स्रोतों से कॉलिंग डाटा शीट हासिल करते थे और फिर उस डेटा की मदद से लोगों को निशाना बनाते थे। बैंक अधिकारी बनकर वे लोगों को लोन का लालच देते थे और जैसे ही कोई व्यक्ति उनके झांसे में आ जाता था, वे विभिन्न बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाकर रफूचक्कर हो जाते थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन ठगों ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इनके तार किन-किन अन्य गिरोहों से जुड़े हैं।

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