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मेरठ में दलित छात्रा हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिले अखिलेश यादव, पुलिसिया कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल

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मेरठ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को मेरठ पहुंचकर मृत दलित छात्रा के शोक-संतप्त परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ कैराना से सपा सांसद इकरा हसन भी मौजूद रहीं। सपा प्रमुख ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और उन्हें हर संभव न्याय दिलाने तथा उनके साथ मजबूती से खड़े रहने का भरोसा दिया। परिवार से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए।

आरोपियों पर हल्की और आंदोलनकारियों पर गंभीर धाराएं

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शासन और प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरठ की बेटी के साथ हुए इस जघन्य महा-अत्याचार और हत्या के मामले में पुलिस ने नामजद आरोपियों पर बेहद कमजोर व हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इसके विपरीत, मृतका को न्याय दिलाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज बुलंद कर रहे आंदोलनकारियों और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से गंभीर धाराएं लगा दी हैं, जो सरासर नाइंसाफी की पराकाष्ठा है।

वीडियो वायरल होने से खाकी की छवि धूमिल

सपा मुखिया ने पुलिस के उच्चाधिकारियों के रवैये पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि जिस पुलिस से आम जनता को न्याय की उम्मीद होती है, उनके ही बड़े अधिकारी आम जनता पर अपने अहंकार का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े वीडियो पूरी दुनिया में फैल चुके हैं, जिससे उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि बेहद खंडित हुई है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि इस अमानवीय व्यवहार से वे पुलिसकर्मी भी भीतर से बेहद शर्मिंदा हैं जो पूरी कर्तव्यपरायणता, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ समाज में अपना काम करते हैं।

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भाषण नहीं, अब न्याय चाहती है जनता

प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सीधा हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि जिस राज्य का नेतृत्व ही महिलाओं और विशेष रूप से एक मृतक युवा बेटी की शोक-संतप्त मां के प्रति असंवेदनशील रवैया अपनाए, वहां की पुलिस से न्याय की उम्मीद करना बेमानी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अब इस अन्याय को चुपचाप सहेगा नहीं, बल्कि इसके खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाएगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के भाषण सुनने के मूड में बिल्कुल नहीं है, उसे धरातल पर सिर्फ और सिर्फ न्याय चाहिए।

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