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मुजफ्फरनगर में ‘कांवड़ ठेका गैंग’ पर पुलिस का कड़ा पहरा: ‘रील’ और ‘रीच’ के चक्कर में हुड़दंग मचाने वालों की साइबर सेल खंगाल रही कुंडली

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मुज़फ़्फ़रनगर। कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस और पत्रकारों के साथ हुई अभद्रता की जांच में अब एक नया और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। जांच एजेंसियों के रडार पर ऐसे कथित ‘कांवड़ ठेका गैंग’ आ गए हैं, जो सोशल मीडिया पर व्यूज़, फॉलोअर्स और कमाई के लिए शिवभक्तों की आस्था का इस्तेमाल कर रहे हैं। मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस की साइबर सेल ऐसे लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स, उनकी गतिविधियों और पुराने वीडियो का गहन विश्लेषण कर रही है।

एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि कुछ लोग अपनी सस्ती लोकप्रियता के लिए श्रद्धा को हुड़दंगबाज़ी के साथ मिक्स कर रहे हैं। ये लोग जानबूझकर पुलिस से टकराव की स्थिति पैदा करते हैं, फिर उसी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स की तकनीकी जांच भी जारी है।

SP सिटी के अनुसार जांच में सामने आया है कि गाज़ियाबाद, दिल्ली, नोएडा समेत कई क्षेत्रों से जुड़े कुछ लोग कांवड़ यात्रा के दौरान सक्रिय हो जाते हैं। आरोप है कि ये लोग कांवड़ियों से मोटी रकम लेकर उन्हें उत्तराखंड बॉर्डर से मुज़फ़्फ़रनगर और आगे तक “पार कराने” का ठेका लेते हैं। बदले में उन्हें सोशल मीडिया पर “फेमस” करने का वादा किया जाता है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कथित तौर पर ये लोग यात्रा के दौरान जानबूझकर पुलिस से बहस, धक्का-मुक्की और टकराव की स्थिति पैदा करते हैं, ताकि विवादित वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जा सकें। इन वीडियो के जरिए व्यूज़, फॉलोअर्स और आर्थिक लाभ कमाने का प्रयास किया जाता है।

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जांच में यह भी सामने आया है कि ये लोग केवल एक कांवड़ के साथ नहीं चलते, बल्कि एक कांवड़ को मुज़फ़्फ़रनगर के निर्धारित पड़ावों तक पहुंचाने के बाद दोबारा हरिद्वार लौट जाते हैं और दूसरी कांवड़ के साथ फिर उसी तरह का सफर शुरू कर देते हैं। पुलिस का मानना है कि पूरे कांवड़ मेले के दौरान इस तरीके से लाखों रुपये की कमाई किए जाने की आशंका है।

एसपी सिटी ने बताया कि साइबर सेल इन लोगों की पुरानी वीडियो क्लिप भी खंगाल रही है, जिनमें हरिद्वार, शामली, पानीपत और अन्य स्थानों पर भी पुलिस और प्रशासन से टकराव की घटनाएं दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिले तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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