मेरठ। मेरठ के चर्चित ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। सोमवार को पीड़ित परिवार से मिलने दिल्ली से मेरठ आ रहे कांग्रेस सांसदों और विधायकों के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने काशी टोल प्लाजा पर ही रोक दिया। पुलिस द्वारा डेलिगेशन को आगे बढ़ने से रोकने पर कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने से रोका जा रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
कांग्रेस ने सरकार और पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए। उन्होंने मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पर भी सवाल उठाते हुए उनके निलंबन और गिरफ्तारी की मांग की।
कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने आरोप लगाया कि संबंधित पुलिस अधिकारी का व्यवहार दलितों और मुसलमानों के प्रति असंवैधानिक है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप कर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
दिल्ली से रवाना होने से पहले कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे केवल पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनकी स्थिति जानना चाहते हैं और प्रशासन से यह जानकारी लेना चाहते हैं कि अब तक मामले में क्या कार्रवाई हुई है तथा परिवार को कितना मुआवजा दिया गया है।
यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने भी पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग दोहराई।
ओबीसी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जय हिंद ने राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस का व्यवहार आम लोगों का भरोसा कमजोर कर रहा है। वहीं राज्यसभा सांसद करमवीर सिंह बौध ने कहा कि उनका उद्देश्य राजनीति करना नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है।
भाकियू तोमर ने भी बुलाई पंचायत
ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने भी आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन ने सोमवार को मेरठ स्थित एडीजी कार्यालय पर पंचायत बुलाने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि पंचायत के माध्यम से पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई जाएगी।
क्या है ललिता गौतम हत्याकांड
टीपीनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली बीए तृतीय वर्ष की छात्रा ललिता गौतम 15 मई को परीक्षा देने के लिए घर से निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। परिजनों ने उसी दिन गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया गांव के गन्ने के खेत में उनका शव बरामद हुआ। इसके बाद परिजनों ने सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था।
पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर तीन युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया। जांच के दौरान मुख्य आरोपी अंकुश को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी ललिता से तीन वर्षों से जान-पहचान थी और किसी अन्य युवक से बातचीत को लेकर विवाद के बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की।
प्रदर्शन के दौरान एसएसपी पर लगे थप्पड़ मारने के आरोप
आठ जुलाई को परिजनों और समर्थकों ने मेरठ कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एसएसपी ने प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को थप्पड़ मारे, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को वहां से हटाया।
हालांकि एसएसपी अविनाश पांडेय ने 10 जुलाई को जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि पुलिस की कार्रवाई केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों के खिलाफ की गई थी। उन्होंने कहा कि जो लोग कानून व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
उन्होंने अपने संदेश में लोगों से वृक्षारोपण करने और समाजहित में सकारात्मक कार्य करने की भी अपील की।


