मुज़फ़्फ़रनगर। दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मुज़फ़्फ़रनगर से मेरठ जा रही वैशाली डिपो की सीएनजी बस में वहलना चौक कट के पास अचानक भीषण आग लग गई। चालक और परिचालक की सतर्कता के चलते बस में सवार सभी यात्रियों की जान बच गई। यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के कुछ ही क्षण बाद बस में जोरदार धमाका हुआ और पूरी बस आग की लपटों में घिर गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस हाईवे पर सामान्य गति से चल रही थी। वहलना कट के पास पहुंचते ही चालक और परिचालक को आग लगने की जानकारी मिली। दोनों ने बिना समय गंवाए बस को सड़क किनारे रोका और सबसे पहले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं सहित सभी करीब 40 यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतारना शुरू कर दिया। सभी यात्रियों के सुरक्षित बाहर निकलने के तुरंत बाद बस में तेज धमाका हुआ और आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना की सूचना मिलते ही मंसूरपुर थाना पुलिस, शहर कोतवाली पुलिस तथा दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने हाईवे पर यातायात रोक दिया, जबकि दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने लगातार पानी की बौछार कर आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी।
आग के कारण दिल्ली-देहरादून हाईवे पर लंबा जाम लग गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में पुलिस ने क्रेन की सहायता से जली हुई बस को सड़क से हटवाया और यातायात को धीरे-धीरे सामान्य कराया।
बस में सवार खुबापुर निवासी सतीश ‘भगत जी’ ने बताया कि वह महावीर चौक से बस में सवार हुए थे। जैसे ही बस वहलना कट पर पहुंची, उसमें आग लग गई। चालक और परिचालक ने सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार दिया। उन्होंने बताया कि नीचे उतरते ही बस में तेज धमाका हुआ, जिससे सभी लोग घबरा गए। उनका कहना है कि यदि यात्रियों को समय रहते नहीं उतारा जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। चालक और परिचालक की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।


