मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर पुलिस ने नकली नोटों की आड़ में करोड़ों की ठगी की साजिश रचने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कमीशन पर नकदी सुरक्षित पहुंचाने का झांसा देकर पहले एक व्यापारी का भरोसा जीता और फिर 15 लाख रुपये की नकली नोटों की गड्डियां देकर उससे 13 लाख रुपये की असली नकदी लेकर फरार हो गए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से 13 लाख रुपये की असली नकदी और 15 लाख रुपये के नकली नोट बरामद कर लिए हैं। हालांकि इस पूरे गिरोह का मुख्य सरगना अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
शुक्रवार अपराह्न चार बजे पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सिविल लाइन क्षेत्र निवासी व्यापारी संदीप कुच्छल का दिल्ली के एक कारोबारी के साथ नियमित लेन-देन होता है। इसी दौरान आरके शर्मा नाम के व्यक्ति ने व्हाट्सएप के माध्यम से व्यापारी से संपर्क किया और कमीशन लेकर नकदी को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने का प्रस्ताव दिया।
शुरुआत में आरोपी ने कुछ छोटे ट्रांजैक्शन पूरी ईमानदारी से कराए, जिससे व्यापारी का उस पर पूरा विश्वास बन गया। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए गिरोह ने बड़ी ठगी की योजना तैयार की। व्यापारी ने दिल्ली में 15 लाख रुपये की नकदी पहुंचाने का जिम्मा आरोपियों को सौंप दिया।
भरोसा जीतकर दिया ठगी को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बेहद शातिर तरीके से असली नोटों जैसी दिखने वाली गड्डियां तैयार की थीं। प्रत्येक गड्डी के ऊपर और नीचे 500-500 रुपये के असली नोट लगाए गए थे, जबकि बीच में साधारण कागज रखकर उन्हें सील पैक कर दिया गया। देखने में यह पूरी तरह असली नोटों की गड्डियां प्रतीत हो रही थीं।
इन नकली गड्डियों को दिल्ली भेज दिया गया, जबकि दूसरी ओर व्यापारी से 13 लाख रुपये की असली नकदी ले ली गई। जब दिल्ली में गड्डियां खोली गईं तो अंदर कागज मिलने पर पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसके बाद व्यापारी ने तत्काल पुलिस से शिकायत की।
राजस्थान तक पहुंची पुलिस, तीन आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसओजी और कोतवाली नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपियों का पीछा किया। जांच के दौरान पुलिस राजस्थान पहुंची, जहां श्रीगंगानगर निवासी ब्रह्मदेव, बीकानेर निवासी श्रीराम उर्फ सुनील तथा प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे फर्जी पहचान बनाकर व्यापारियों से संपर्क करते थे। पहले छोटे और सफल लेन-देन कर उनका विश्वास जीतते थे और फिर बड़ी रकम के लेन-देन में नकली नोटों की गड्डियां देकर असली नकदी लेकर फरार हो जाते थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 लाख रुपये की असली नकदी के साथ 15 लाख रुपये के 500-500 रुपये के नकली नोट भी बरामद किए हैं। बरामदगी के बाद पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।
मास्टरमाइंड की तलाश जारी, पुलिस टीम होगी सम्मानित
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि गिरोह का मुख्य सरगना अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
उन्होंने इस सफल कार्रवाई के लिए एसओजी और कोतवाली नगर पुलिस की संयुक्त टीम की सराहना करते हुए 25 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा भी की। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित वारदातों की भी जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।



