मुज़फ़्फ़रनगर। सावन की कांवड़ यात्रा के बीच रविवार रात करीब 9 बजे शहर के सिटी सेंटर के सामने उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक कांवड़िया कथित तौर पर नशे के ओवरडोज़ के कारण अचेत हो गया। उसे तलाश रहे साथी जब पास की एक लकड़ी की टाल तक पहुंचे तो वह वहीं बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। इसके बाद मौके पर हाईवोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया और देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई।

पुलिस के अनुसार, दिल्ली के नरेला निवासी एक शिवभक्त अपने साथियों के साथ हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर दिल्ली लौट रहा था। रविवार शाम सभी लोग सिटी सेंटर के सामने स्थित एक कांवड़ सेवा शिविर में विश्राम के लिए रुके थे। इसी दौरान एक कांवड़िया अचानक पास की गली में स्थित लकड़ी की टाल के गोदाम में चला गया और वहीं अचेत होकर गिर पड़ा।
जब काफी देर तक वह दिखाई नहीं दिया तो उसके साथी उसकी तलाश में निकल पड़े। खोजबीन के दौरान वह गोदाम के अंदर बेहोशी की हालत में मिला। साथियों ने उसे बाहर निकाला तो वहां मौजूद लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसी बीच गुस्साए साथियों ने उसकी पिटाई भी शुरू कर दी, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर उन्हें रोक दिया।
गोदाम बाहर लाने के कुछ ही देर बाद वह फिर मुख्य सड़क पर अचेत होकर गिर पड़ा। उसकी हालत देखकर पुलिस ने बिना देर किए उसे साथियों की मदद से कंधे पर उठाकर पुलिस वाहन तक पहुंचाया और तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
सिविल लाइन थाना प्रभारी इंद्रजीत सिंह ने बताया कि प्राथमिक जानकारी के अनुसार युवक की तबीयत नशे के कारण बिगड़ी थी। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार कराया जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।



