Home » विविध इंडिया » अमेरिकी अदालत से बड़ी कानूनी राहत के बाद बोले गौतम अदाणी, ‘अपने देश के लिए निर्माण कार्य जारी रखेंगे’

अमेरिकी अदालत से बड़ी कानूनी राहत के बाद बोले गौतम अदाणी, ‘अपने देश के लिए निर्माण कार्य जारी रखेंगे’

Facebook
Twitter
WhatsApp

वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने अमेरिकी अदालत की ओर से उनके, सागर अदाणी और सहयोगी विनीत जैन के खिलाफ सभी आपराधिक आरोप खारिज किए जाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण दौर के दौरान उनका विश्वास सच, निष्पक्षता और कानून के शासन में कभी कम नहीं हुआ। अदालत के फैसले के बाद अदाणी ने स्पष्ट किया कि समूह की प्राथमिकताएं नहीं बदलेंगी और वह देश के विकास में योगदान देने के अपने उद्देश्य पर लगातार काम करता रहेगा।

गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह न्यायिक प्रक्रिया के प्रति विनम्रता और गहरे सम्मान के साथ अदालत के फैसले का स्वागत करते हैं। उन्होंने उन सभी लोगों का भी आभार जताया, जिन्होंने पूरे मामले के दौरान उन पर, न्याय व्यवस्था और भारत की न्याय दिलाने की क्षमता पर विश्वास बनाए रखा।

न्यूयॉर्क की अदालत ने स्थायी रूप से खारिज किए आपराधिक आरोप

अमेरिका के न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले की जिला अदालत के न्यायाधीश निकोलस गाराउफिस ने सोमवार को अदाणी समूह के खिलाफ दर्ज सिक्योरिटीज फ्रॉड और वायर फ्रॉड से संबंधित सभी आपराधिक आरोपों को स्थायी रूप से खारिज कर दिया।

अदालत के इस फैसले के बाद गौतम अदाणी ने कहा कि इस कठिन अवधि में भी उनका सत्य और न्याय के प्रति भरोसा कायम रहा। उन्होंने कहा कि जो लोग इस पूरे मामले के दौरान उनके साथ खड़े रहे और न्याय व्यवस्था पर विश्वास बनाए रखा, उनके प्रति वह आभार व्यक्त करते हैं।

‘सच, निष्पक्षता और कानून के शासन में विश्वास अडिग रहा’

फैसले के बाद गौतम अदाणी ने कहा कि समूह ने इस चुनौतीपूर्ण समय में सच, निष्पक्षता और कानून के शासन में अपना विश्वास बनाए रखा। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया के प्रति सम्मान उनके लिए सर्वोपरि है।

ALSO READ THIS :  रायबरेली में तेज रफ्तार कार नहर पुलिया से टकराई, सिपाही समेत तीन की मौत, दो गंभीर घायल

उन्होंने उन सभी लोगों का हृदय से धन्यवाद किया जिन्होंने मामले के दौरान उन पर भरोसा बनाए रखा। उन्होंने न्याय व्यवस्था और भारत की न्याय दिलाने की क्षमता पर विश्वास जताने वालों के प्रति भी आभार व्यक्त किया।

अमेरिकी एसईसी के साथ समझौते को भी मिली अंतिम मंजूरी

अदाणी समूह के लिए कानूनी राहत के बीच अदालत ने समूह और अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग यानी एसईसी के बीच हुए समझौते को भी अंतिम रूप दे दिया है।

समझौते के तहत अदाणी पक्ष अमेरिकी सरकार को 18 मिलियन डॉलर यानी करीब 1.8 करोड़ डॉलर का भुगतान करेगा। इसके साथ नागरिक यानी सिविल प्रतिभूति धोखाधड़ी से संबंधित मामले का निपटारा हो जाएगा।

इस समझौते और आपराधिक आरोपों के स्थायी रूप से खारिज होने के बाद मामले को लेकर समूह को महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है।

‘अपने देश के लिए निर्माण करते रहेंगे’

गौतम अदाणी ने कहा कि अदालत के फैसले के बावजूद समूह की प्राथमिकताओं में कोई बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि अदाणी समूह देश के विकास में योगदान देने और दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने के अपने उद्देश्य पर केंद्रित रहेगा।

उन्होंने कहा, ‘हम वही करते रहेंगे जो सबसे अधिक महत्वपूर्ण है, अपने देश के लिए निर्माण करना, ऐसा मूल्य सृजित करना जो हमारे बाद भी कायम रहे और अपने से बड़े उद्देश्य की सेवा करना।’

उन्होंने इसे समूह की प्रतिबद्धता बताते हुए कहा कि आगे भी इसी उद्देश्य के साथ काम जारी रहेगा।

अमेरिकी न्याय विभाग ने भी निवेशकों को नुकसान न होने की बात कही थी

इस मामले में पिछले महीने अमेरिकी न्याय विभाग ने भी अदालत में दाखिल एक दस्तावेज में कहा था कि मामले से जुड़े निवेशकों को कोई वित्तीय नुकसान नहीं हुआ। विभाग ने तर्क दिया था कि निवेशकों को आर्थिक नुकसान नहीं होने का तथ्य अभियोजन पक्ष के मामले को कमजोर करता है।

ALSO READ THIS :  पेरिस फैशन वीक में छाईं ईशा अंबानी, भारतीय कारीगरी को मिला ग्लोबल मंच

न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में दाखिल विस्तृत दस्तावेज में अमेरिकी न्याय विभाग ने मामले की कमजोरियों में निवेशकों को किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान नहीं होने को प्रमुख बिंदु बताया था।

अदालती दस्तावेज के मुताबिक इस मामले से जुड़े प्रतिभूति साधनों में निवेश करने वाले किसी भी निवेशक को आर्थिक नुकसान नहीं हुआ था।

चार नोट्स में से दो का पूरा भुगतान, बाकी की किस्तें जारी

अमेरिकी न्याय विभाग की फाइलिंग में कहा गया था कि मामले में शामिल चार नोट्स में से दो का भुगतान पूरी तरह किया जा चुका है। वहीं बाकी दो नोट्स का भुगतान भी नियमित रूप से किया जा रहा है और भविष्य में भुगतान व्यवस्था में किसी बदलाव के संकेत नहीं हैं।

न्याय विभाग की ओर से रखे गए इन तथ्यों को अभियोजन पक्ष के मामले की कमजोरियों में से एक माना गया था। इसके बाद आपराधिक आरोपों को हटाने के फैसले को लेकर कानूनी आधार और मजबूत हुआ।

वैश्विक कारोबारी छवि के लिए अहम फैसला

विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी अदालत का फैसला अदाणी समूह के लिए महत्वपूर्ण कानूनी राहत लेकर आया है। इससे समूह की वैश्विक कारोबारी छवि और निवेशकों के विश्वास को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

अदाणी समूह ऊर्जा, बंदरगाह, हवाई अड्डे, बुनियादी ढांचे और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रहा है। ऐसे में अमेरिकी अदालत से मिली कानूनी राहत को समूह की भविष्य की वैश्विक कारोबारी रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अदाणी समूह की ओर से लगातार यह संदेश दिया गया है कि समूह का दीर्घकालिक फोकस भारत के बुनियादी ढांचे और विकास से जुड़े क्षेत्रों में निवेश तथा निर्माण गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर बना रहेगा।

ALSO READ THIS :  जम्मू-कश्मीर के पुंछ में भीषण तबाही, अचानक आई बाढ़ में 10 लोगों की मौत, कई लापता

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें