नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान सरकार के खिलाफ विपक्ष का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि विपक्ष अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि शुरुआत से अब तक विपक्ष की मांग में कोई बदलाव नहीं हुआ है और सरकार को छात्रों पर हुई कथित लाठीचार्ज और गोलीबारी के मामले में सदन के भीतर जवाब देना होगा।
खड़गे ने कहा कि विपक्ष के तीन प्रमुख मुद्दे हैं और सरकार से इन्हीं मुद्दों पर जवाब मांगा जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि लाठीचार्ज और गोलीबारी का आदेश किसने दिया था।
‘सरकार बताए, आदेश किसने दिया’
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार को सदन में पूरी जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि छात्रों के खिलाफ लाठीचार्ज और गोलीबारी का आदेश किस स्तर से दिया गया और आखिर पूरी घटना किस तरह हुई।
खड़गे ने कहा कि घटना को 18 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सरकार अब तक इस मुद्दे पर सदन में बयान देने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष शुरू से ही सरकार से जवाब मांग रहा है और जब तक इस मामले में सदन के भीतर स्पष्ट जवाब नहीं मिलता, तब तक उसका रुख बदलने वाला नहीं है।
पवन खेड़ा बोले, गृह मंत्री सदन में दें बयान
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मांग बिल्कुल स्पष्ट है। गृह मंत्री को सदन में आकर चंदा घोटाले और छात्रों पर हुए कथित अत्याचारों के संबंध में बयान देना चाहिए।
खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी माफी मांगने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष पिछले 17 से 18 दिनों से लगातार इन मुद्दों को उठा रहा है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता और छात्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों को संसद में उठाना चाहता है, लेकिन सरकार इन सवालों से बचने की कोशिश कर रही है।
आरएसएस पर भी पवन खेड़ा का हमला
पवन खेड़ा ने अपने बयान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि खुद को ‘लौह पुरुष’ कहने वालों के उस लोहे में अब जंग लग चुकी है।
उन्होंने आरएसएस को लेकर कड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर संगठन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद और बढ़ने की संभावना है।
प्रमोद तिवारी ने भी गृह मंत्री से मांगा जवाब
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री से जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को सदन में पूरी तैयारी के साथ आना चाहिए और सबसे पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि छात्रों पर लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया था।
तिवारी ने कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर कील लगी लाठियों के इस्तेमाल और छर्रे चलाने की मंजूरी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ जिस तरह की ताकत का इस्तेमाल किया गया, उससे ऐसा लगा जैसे उनके साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया जा रहा हो।
पंजाब में भाजपा-अकाली गठबंधन पर वडिंग का बयान
संसद में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच पंजाब की राजनीति को लेकर भी कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के बीच संभावित गठबंधन को लेकर कहा कि पिछले संसदीय चुनाव के दौरान सुखबीर सिंह बादल ने कुछ मुद्दे उठाए थे और कहा था कि उन मुद्दों के समाधान के बिना गठबंधन संभव नहीं होगा।
वडिंग ने कहा कि जिन मुद्दों का उस समय जिक्र किया गया था, वे आज भी मौजूद हैं। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में भाजपा और अकाली दल दोनों अपनी राजनीतिक जमीन खो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा पंजाब में एक भी लोकसभा सीट नहीं जीत सकी, जबकि अकाली दल के खाते में केवल एक सीट आई। ऐसे में दोनों दलों के बीच संभावित गठबंधन को लेकर राजनीतिक समीकरणों पर नजर बनी हुई है।
चंद्रशेखर आजाद ने भी विपक्ष के प्रदर्शन का किया समर्थन
आजाद समाज पार्टी कांशीराम के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी विपक्ष के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि झारखंड और लखनऊ के बच्चों से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाया जाना चाहिए।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि इलाहाबाद हो या लखनऊ, जहां भी अन्याय के मामले सामने आए हैं, वहां न्याय की मांग मजबूती से उठाई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें धीरे धीरे संवेदनशीलता खोती जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को सुना जाना जरूरी है और सरकारों को जनता की आवाज का जवाब देना चाहिए।
संसद में गतिरोध के बीच विपक्ष का तेवर कायम
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष लगातार सरकार पर विभिन्न मुद्दों को लेकर दबाव बना रहा है। छात्रों पर कार्रवाई, कथित चंदा घोटाला और अन्य मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार से सदन में जवाब की मांग कर रहा है।
मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस के कई नेताओं ने साफ कर दिया है कि विपक्ष अपनी मांगों से पीछे हटने के मूड में नहीं है। वहीं सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के कारण संसद की कार्यवाही पर भी इसका असर पड़ रहा है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक टकराव और तेज होने के आसार हैं।



