
मुज़फ़्फ़रनगर। देशभर में 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाया गया। इसी क्रम में शहर के सरवट में स्थित महमूदिया मदरसे में भी स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। शनिवार सुबह करीब 9 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में मदरसे के छोटे-छोटे बच्चे हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए और देश के प्रति प्रेम एवं सम्मान का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को आजादी के महत्व और स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष के बारे में जानकारी दी गई। मदरसे के उलमाओं ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की आजादी लंबे संघर्ष और अनेक लोगों के त्याग एवं बलिदान का परिणाम है। इसलिए स्वतंत्रता दिवस केवल तिरंगा फहराने या एक दिन उत्सव मनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का भी अवसर है।
बच्चों को बताया गया कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। ईमानदारी से पढ़ाई करना, मेहनत करना, समाज में भाईचारा बनाए रखना और अपने काम को जिम्मेदारी से करना भी देश सेवा का हिस्सा है।
कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया। हाथों में तिरंगा लिए बच्चों के बीच देशभक्ति का माहौल नजर आया। इस दौरान देश की खुशहाली, अमन-चैन, तरक्की और मजबूती के लिए दुआ भी कराई गई।
कार्यक्रम में आजादी के इतिहास के साथ बच्चों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि देश किसी एक वर्ग की पहचान नहीं है। तिरंगा पूरे भारत की पहचान है और उसका सम्मान प्रत्येक भारतीय की जिम्मेदारी है।
मुज़फ़्फ़रनगर का स्वतंत्रता आंदोलन से भी ऐतिहासिक जुड़ाव रहा है। जिले के आधिकारिक इतिहास विवरण के अनुसार, स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जनपद के कई लोगों ने योगदान दिया था। 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केशव गुप्ता के निवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने का भी उल्लेख मिलता है।
इस कार्यक्रम को किसी एक समुदाय की देशभक्ति के बजाय बच्चों को देश के इतिहास, स्वतंत्रता संघर्ष, भाईचारे और नागरिक जिम्मेदारी से जोड़ने के प्रयास के रूप में देखा गया।



