प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। शनिवार सुबह अचानक मौसम ने करवट ली और राजधानी लखनऊ, बाराबंकी, प्रयागराज समेत आसपास के कई जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश की संभावना जताई है।
इस दौरान तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। मौसम विभाग की तत्कालिक चेतावनी के अनुसार कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
सुबह तड़के जारी हुआ मौसम अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से शनिवार सुबह 4 बजकर 53 मिनट पर तत्कालिक मौसम चेतावनी जारी की गई थी, जो सुबह 7 बजकर 53 मिनट तक प्रभावी रही। चेतावनी में कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई।
हालांकि चेतावनी की अवधि समाप्त हो चुकी है, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे तक कई इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना बनी हुई है।
प्रयागराज से मेरठ और शामली तक बारिश के आसार
मौसम विभाग ने प्रयागराज, सोनभद्र, मीरजापुर, चंदौली, संत रविदास नगर, जौनपुर, प्रतापगढ़, चित्रकूट और कौशांबी समेत कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है।
इसके अलावा फतेहपुर, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, रायबरेली, अमेठी, कानपुर नगर, इटावा, फिरोजाबाद, एटा, हाथरस, मथुरा और कासगंज में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में आजमगढ़, मऊ, सुलतानपुर, अंबेडकर नगर, अयोध्या, गोरखपुर, संत कबीर नगर और बस्ती में भी मौसम खराब रहने के आसार हैं।
मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात, उन्नाव, औरैया, बाराबंकी, लखनऊ, हरदोई, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, बरेली, पीलीभीत, रामपुर, अलीगढ़ और बुलंदशहर में भी बारिश की संभावना है।
वहीं संभल, अमरोहा, मुरादाबाद, मेरठ, बागपत, बिजनौर, मुजफ्फरनगर और शामली सहित आसपास के इलाकों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
मानसूनी गतिविधियों से बन रहे गरज वाले बादल
चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय के मुताबिक मानसूनी गतिविधियों के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में वातावरण में पर्याप्त नमी बनी हुई है।
नमी के कारण स्थानीय स्तर पर गरज-चमक वाले बादल विकसित हो रहे हैं। इसके चलते कुछ इलाकों में कम समय के भीतर तेज बौछारें पड़ सकती हैं। प्रयागराज और उसके आसपास के जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।
40 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं
मौसम खराब होने के दौरान सिर्फ बारिश ही नहीं बल्कि तेज हवाएं भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है।
तेज हवाओं के साथ बिजली चमकने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा। ऐसे में लोगों को मौसम साफ होने तक अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
आकाशीय बिजली को लेकर रहें बेहद सावधान
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने खराब मौसम के दौरान लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, खेत और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
बिजली के खंभों और अन्य विद्युत उपकरणों से भी दूरी बनाए रखना जरूरी है। इसके अलावा बारिश और बिजली चमकने के दौरान तालाब, नदी या अन्य जलाशयों के आसपास जाने से भी बचना चाहिए।
किसानों के लिए भी मौसम विभाग की सलाह
बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए किसानों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम खराब होने के दौरान खेतों में कृषि कार्य करने से बचना बेहतर होगा।
आकाशीय बिजली के दौरान खेत, खुले स्थान या पेड़ के नीचे मौजूद रहने से खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में किसानों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।
अचानक बदल सकता है मौसम का मिजाज
शनिवार सुबह लखनऊ, बाराबंकी और प्रयागराज समेत कई इलाकों में हुई बारिश के बाद मौसम सुहावना हुआ, लेकिन गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले घंटों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में मध्यम से तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर मौसम तेजी से बदल सकता है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने चेतावनी वाले जिलों में लोगों से मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। खासकर आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना जरूरी है।
फिलहाल उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है और अगले 24 घंटे प्रदेश के कई हिस्सों के लिए मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।


