कानपुर/लखनऊ। आगामी त्योहारों को देखते हुए उत्तर प्रदेश में दूध और दुग्ध उत्पादों, खासकर खोया में मिलावटखोरी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अपना अभियान तेज कर दिया है। कानपुर नगर और कानपुर देहात में प्रदेश स्तरीय खाद्य सुरक्षा टीमों ने खोया निर्माण इकाइयों और प्रमुख खोया मंडियों में बड़े स्तर पर छापेमारी और निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगह संदिग्ध सामग्री और अपमिश्रक बरामद हुए।
अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में तैयार खोया और अन्य खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई। खाद्य पदार्थों में अपमिश्रक के इस्तेमाल के मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, जबकि तीन खाद्य कारोबारियों के खाद्य पंजीकरण पर निलंबन अथवा निरस्तीकरण की कार्रवाई की गई। संयुक्त अभियान में कुल 28 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए गए।
खोया बनाने की इकाई में मिला हाइड्रोजन परॉक्साइड
कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र के ग्राम बादशाहपुर में खोया निर्माण इकाई के निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम को कई संदिग्ध वस्तुएं मिलीं। यहां क्रीम निकालने की मशीन, खोया भट्ठियां, स्किम्ड मिल्क पाउडर और हाइड्रोजन परॉक्साइड बरामद किया गया।
मौके पर करीब एक कुंतल तैयार खोया भी मौजूद था। टीम ने स्किम्ड मिल्क पाउडर और हाइड्रोजन परॉक्साइड के नमूने जांच के लिए सुरक्षित किए। वहीं तैयार खोया मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
कार्रवाई के दौरान परिसर से सात बोरे में रखे स्किम्ड मिल्क पाउडर के 175 पैकेट और खाद्य पदार्थों में मिलाने के लिए रखा करीब 15 लीटर हाइड्रोजन परॉक्साइड बरामद किया गया। करीब 100 किलोग्राम तैयार खोया भी नष्ट कराया गया।
खाद्य पदार्थ में अपमिश्रक के इस्तेमाल के मामले में पुलिस ने रसूलाबाद थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 274 और 275 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
दूसरी इकाई में मिला संदिग्ध रसायन
बादशाहपुर में ही एक अन्य खोया निर्माण इकाई की जांच के दौरान खोया तैयार करने में इस्तेमाल किया जाने वाला सैफोलाइट रसायन और तीन बड़ी कढ़ाइयां तथा भट्ठियां मिलीं।
टीम ने संदिग्ध अपमिश्रक को जब्त कर लिया और संबंधित इकाई के खाद्य पंजीकरण को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू की। वहीं एक अन्य इकाई के निरीक्षण में कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली।
इस इकाई में मौजूद करीब 50 लीटर दूध और 50 लीटर खोया में से खोया का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया।
अस्वच्छ माहौल में तैयार हो रहा था खोया
ग्राम भोला नगर, झींझक में खोया भट्ठी के निरीक्षण के दौरान टीम को 10 लीटर रिफाइंड सोयाबीन तेल, 10 पैकेट स्किम्ड मिल्क पाउडर और करीब 32 किलोग्राम तैयार खोया मिला।
निरीक्षण के दौरान इकाई बेहद अस्वच्छ और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में संचालित होती मिली। संचालक ने रिफाइंड तेल, वनस्पति और स्किम्ड मिल्क पाउडर के इस्तेमाल से खोया तैयार करने की बात स्वीकार की।
टीम ने मौके पर ही 32 किलोग्राम तैयार खोया और 10 लीटर रिफाइंड तेल नष्ट कराया। साथ ही इकाई का खाद्य पंजीकरण निलंबित कर दिया गया।
कानपुर की खोया मंडियों में भी पहुंची टीम
कानपुर नगर में भी खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई प्रमुख खोया मंडियों तक पहुंची। एक्सप्रेसवे खोया मंडी, फजलगंज खोया मंडी और पारंपरिक हटिया खोया मंडी में टीमों ने निरीक्षण किया और खाद्य पदार्थों के नमूने लिए।
एक्सप्रेसवे खोया मंडी में एक प्रमुख विक्रेता की इकाई से खोया का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया। फजलगंज खोया मंडी में भी प्रमुख विक्रेता की इकाई से खोया का नमूना लिया गया।
सबसे बड़ी कार्रवाई हटिया खोया मंडी में हुई, जहां खाद्य सुरक्षा टीम ने 14 खोया विक्रेताओं की जांच की और 14 नमूने संग्रहित किए।
4.30 कुंतल खोया कराया गया नष्ट
हटिया खोया मंडी में निरीक्षण के दौरान अस्वच्छ और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में रखा करीब 4.30 कुंतल खोया मिला। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1.07 लाख रुपये बताई गई।
खाद्य सुरक्षा टीम ने इस खोया को मौके पर ही नष्ट करा दिया। पूरे संयुक्त अभियान के दौरान करीब 1.50 लाख रुपये मूल्य की खाद्य सामग्री और अपमिश्रकों को नष्ट कराया गया।
अधिकारियों के मुताबिक, त्योहारों के दौरान खोया और अन्य दुग्ध उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावटखोरी की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई तेज की है।
24 टीमों ने चलाया संयुक्त अभियान
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के निर्देश और अपर आयुक्त रेखा एस. चौहान के पर्यवेक्षण में प्रदेश स्तरीय 24 प्रवर्तन टीमों ने अभियान चलाया।
टीमों ने खोया निर्माण इकाइयों के साथ प्रमुख मंडियों का निरीक्षण किया और संदिग्ध खाद्य सामग्री के नमूने लिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट या अपमिश्रक के इस्तेमाल के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
त्योहारों से पहले हुई इस कार्रवाई से खोया कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है। विभाग की ओर से आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान जारी रहने की संभावना है।



