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त्योहारों से पहले अलर्ट! गाजियाबाद और नोएडा में मिलावटी मावा-पनीर पर छापेमारी, 10 क्विंटल रसगुल्ला कराया नष्ट

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गाजियाबाद। त्योहारों का मौसम शुरू होने से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी के खिलाफ गाजियाबाद में खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार शाम क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र के भीमनगर स्थित सचिन छेना स्टोर पर खाद्य विभाग की टीम ने छापेमारी की। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में तैयार छेना रसगुल्ला मिला, जिसकी गुणवत्ता को लेकर प्रथम दृष्टया गंभीर सवाल सामने आए। इसके बाद विभाग की टीम ने करीब 10 क्विंटल छेना रसगुल्ला मौके पर ही नष्ट करा दिया।

त्योहारों से पहले मिलावटखोरों पर शिकंजा, 10 क्विंटल रसगुल्ला हुआ नष्ट

खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सचिन छेना स्टोर पर बड़ी मात्रा में छेना रसगुल्ला तैयार किया जा रहा था। शिकायत मिलने के बाद विभाग की टीम ने परिसर में छापा मारा। मौके पर तैयार रसगुल्ले की भारी मात्रा देखकर अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच शुरू की।

प्रथम दृष्टया तैयार रसगुल्ले निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इसके बाद करीब 10 क्विंटल रसगुल्ले को नष्ट कराया गया, ताकि इन्हें बाजार में बिक्री के लिए भेजा न जा सके।

यह फर्म सर्वोदय नगर निवासी उदय सिंह की बताई गई है।

पनीर को सफेद करने के लिए केमिकल इस्तेमाल करने का आरोप

खाद्य विभाग के अधिकारी सुरेश कुमार मिश्रा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के निर्देश पर मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत टीम ने सचिन छेना स्टोर पर कार्रवाई की।

उन्होंने बताया कि मौके से रसगुल्ला, अरारोट, पनीर और सेफोलाइट के चार नमूने लिए गए हैं। इन सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।

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अधिकारी के मुताबिक, मौके पर पनीर को मैश करने के बाद उसमें स्टार्च मिलाने और उसे सफेद करने के लिए सोडियम फॉर्मेल्डिहाइड सल्फोक्सिलेट नामक रसायन के इस्तेमाल की बात सामने आई है। विभाग के अनुसार यह रसायन ब्लीचिंग और प्रिजर्वेटिव के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

हालांकि, खाद्य पदार्थों में रसायन की वास्तविक स्थिति और उसकी मात्रा की पुष्टि प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

सैंपल जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

खाद्य विभाग की टीम ने मौके से तैयार रसगुल्ले के साथ अरारोट, पनीर और सेफोलाइट के नमूने लिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि सभी नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा जाएगा।

खाद्य विभाग के अधिकारी सुरेश कुमार मिश्रा ने कहा कि नमूनों की रिपोर्ट में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित फर्म के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही फर्म का लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

नोएडा में भी खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई

गाजियाबाद के साथ नोएडा में भी खाद्य विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान चलाया। सरफाबाद सेक्टर 72 स्थित रसगुल्ला निर्माणशाला में छापेमारी के दौरान दूषित रसगुल्लों पर मक्खियां और मच्छर पाए गए।

जांच के बाद करीब 100 किलो रसगुल्ले नष्ट कराए गए। टीम ने अलग अलग स्थानों से खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए हैं। विभाग की ओर से कुल सात खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे गए।

जेवर टोल प्लाजा से पनीर के तीन नमूने लिए गए, जबकि सेक्टर 134 से घेवर और इकोटेक 2 क्षेत्र से खोया और घेवर के नमूने लिए गए हैं।

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भोजपुर में भी संदिग्ध पनीर और मावा जब्त

खाद्य विभाग ने करीब चार दिन पहले मोदीनगर के पास भोजपुर क्षेत्र में भी कार्रवाई की थी। वहां टीम ने बड़ी मात्रा में संदिग्ध पनीर, मावा और अन्य खाद्य सामग्री जब्त की थी।

विभाग को शिकायत मिली थी कि इलाके में छेना, मावा, केक और घेवर में मिलावट कर खाद्य पदार्थ तैयार किए जा रहे हैं। शिकायत के बाद खाद्य विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है।

अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावटखोरी रोकने के लिए लगातार छापेमारी और सैंपलिंग की जा रही है।

त्योहारों पर मिलावटखोरी रोकने के लिए सख्त निर्देश

त्योहारों को देखते हुए गाजियाबाद के जिलाधिकारी रवींद्र कुमार मांदड़ ने खाद्य विभाग को मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को शिकायत मिलने पर तत्काल जांच करने और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेने के निर्देश दिए गए हैं।

खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, अभियान के दौरान लिए जा रहे सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थों में मिलावट या प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल की पुष्टि होने पर संबंधित फर्म और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

त्योहारों से पहले गाजियाबाद और नोएडा में खाद्य विभाग की लगातार हो रही कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी मिठाई, पनीर, मावा, छेना और अन्य खाद्य पदार्थों की जांच का अभियान जारी रहेगा।

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