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आचार्य प्रमोद कृष्णम का बड़ा बयान: धार्मिक स्थलों पर मांसाहार पूरी तरह बैन करे सरकार

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हरिद्वार। महाराष्ट्र में गणेश प्रतिमा ले जाने के दौरान अंडे फेंके जाने की घटना के बाद कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने हिंदू आस्था और धार्मिक जुलूसों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को गाली देना और उनकी आस्था को ठेस पहुंचाना आज फैशन जैसा बन गया है। उन्होंने धार्मिक स्थलों पर मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की।

गणपति और दुर्गा जुलूसों में बाधा पर जताई नाराजगी

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि हिंदुओं की आस्था पर हमला करने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने महाराष्ट्र में गणपति और दुर्गा प्रतिमाओं के जुलूसों को कथित तौर पर बाधित किए जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश में धार्मिक आस्थाओं और परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को दुनिया की सबसे उदार और सहिष्णु प्रजातियों में से एक बताते हुए कहा कि इसके बावजूद हिंदुओं की मान्यताओं और धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाने वाली घटनाएं सामने आती रहती हैं।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में जिस तरह की घटनाएं देखने को मिली थीं, वैसी घटनाएं अब महाराष्ट्र में भी सामने आ रही हैं।

महाराष्ट्र सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए उनसे धार्मिक जुलूसों में बाधा डालने और आस्था को ठेस पहुंचाने वाले मामलों में सख्त कार्रवाई करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री सनातन परंपराओं के प्रति आस्था रखने वाले और राष्ट्रभक्त मुख्यमंत्री हैं तथा करोड़ों हिंदू उनकी ओर उम्मीद से देखते हैं। ऐसे में उन्हें इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

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धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने पर उठाए सवाल

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि वर्तमान समय में हिंदुओं की मान्यताओं, परंपराओं और धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने वाली घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ी है। उन्होंने महाराष्ट्र के साथ अयोध्या का भी जिक्र करते हुए धार्मिक स्थलों के आसपास मांसाहारी भोजन के आयोजन पर सवाल उठाया।

उन्होंने सावन के महीने में धार्मिक स्थलों के आसपास मांसाहारी भोजन परोसे जाने को लेकर आपत्ति जताई और इसे धार्मिक भावनाओं के लिए दुखद बताया।

धार्मिक स्थलों पर मांसाहार प्रतिबंधित करने की मांग

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने लोगों और सरकार से धार्मिक स्थलों की मर्यादा का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत एक स्वतंत्र देश है और हर व्यक्ति को अपनी पसंद का भोजन करने की स्वतंत्रता है, लेकिन धार्मिक स्थानों और धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

उन्होंने भारत सरकार और राज्य सरकारों से मांग की कि जहां जहां हिंदुओं के प्रमुख आस्था केंद्र हैं, वहां मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध लगाया जाए।

उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता और वहां आने वाले श्रद्धालुओं की भावनाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, धार्मिक आस्था से जुड़े स्थानों पर ऐसा कोई कार्य नहीं होना चाहिए जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हों।

महाराष्ट्र की घटना के बाद फिर गरमाया धार्मिक आस्था का मुद्दा

महाराष्ट्र में गणेश प्रतिमा के जुलूस के दौरान अंडे फेंके जाने की घटना के बाद धार्मिक आस्था और जुलूसों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इस घटना के संदर्भ में हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं की सुरक्षा और धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।

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उन्होंने सरकारों से अपील की कि धार्मिक स्थलों और धार्मिक आयोजनों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए, ताकि किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटनाओं को रोका जा सके।

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