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मुजफ्फरनगर में ‘ऑपरेशन सवेरा’ में पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, 72 हजार नशीले कैप्सूल और 549 इंजेक्शन के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार

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मुजफ्फरनगर। जनपद में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन सवेरा नशे के अंधकार से जीवन के उजाले की ओर अभियान के तहत थाना सिविल लाइन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। पुलिस ने माल रोड पर चेकिंग के दौरान एक बलेनो कार से भारी मात्रा में नशीले कैप्सूल और इंजेक्शन बरामद करते हुए तीन कथित तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक बरामद नशीले कैप्सूल और इंजेक्शन की अनुमानित कीमत करीब 6 लाख 65 हजार रुपये है।

नशे के नेटवर्क पर शिकंजा, बलेनो कार में मिला लाखों का माल

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 72 हजार ट्रामाडोल नशीले कैप्सूल और 549 नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए हैं। इसके अलावा नशीली दवाओं की तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक बिना नंबर की बलेनो कार भी पुलिस ने कब्जे में ली है।

पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई नशे की अवैध सप्लाई चेन पर शिकंजा कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुखबिर की सूचना पर माल रोड पर बिछाया जाल

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के मुताबिक ऑपरेशन सवेरा के तहत नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसी क्रम में सिविल लाइन पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग भारी मात्रा में नशीले कैप्सूल और इंजेक्शन लेकर सप्लाई के लिए जा रहे हैं।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने माल रोड पर चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान संदिग्ध बलेनो कार को रोककर तलाशी ली गई। कार में सवार तीन लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया और वाहन से बड़ी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद होने का दावा किया।

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72 हजार कैप्सूल और 549 इंजेक्शन बरामद

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक पुत्र रोहताश निवासी तीर्थ कॉलोनी, रेलवे स्टेशन के पास खतौली, मूल निवासी ग्राम कुतुबपुर थाना छपार, कलीम पुत्र अशफाक निवासी बधौली थाना खरखौदा मेरठ और जुनैद पुत्र इकबाल निवासी मुफ्ती कय्यूम मदरसा के पास, जूस वाली गली, लोहिया नगर मेरठ के रूप में हुई है।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से स्पास्मोविल कंपनी के ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद हुए। इनमें 48 हजार भूरे रंग के और 24 हजार नीले रंग के, यानी कुल 72 हजार कैप्सूल शामिल हैं।

इसके अलावा एविल कंपनी के 50 इंजेक्शन और पैंटासिल कंपनी के 499 इंजेक्शन बरामद किए गए। इस तरह कुल 549 इंजेक्शन पुलिस के हाथ लगे हैं।

पुलिस के मुताबिक बरामद कैप्सूल और इंजेक्शन की अनुमानित कीमत करीब 6 लाख 65 हजार रुपये है।

व्हाट्सऐप के जरिए हापुड़ के व्यक्ति से संपर्क का दावा

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वे दवाइयों की सप्लाई का काम करते हैं। पुलिस के अनुसार उनका संपर्क हापुड़ निवासी एक व्यक्ति से व्हाट्सऐप के माध्यम से था।

आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे उससे नशीले कैप्सूल और इंजेक्शन ब्लैक में खरीदकर लाते थे। इसके बाद मांग के अनुसार इन्हें ऊंचे दामों पर सप्लाई किया जाता था।

पुलिस के मुताबिक आरोपी नशीली दवाओं का इस्तेमाल करने वाले लोगों को मेडिकल स्टोर से अलग अधिक कीमत पर दवाएं उपलब्ध कराकर अवैध आर्थिक लाभ कमाते थे।

सप्लाई से पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी

पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे बरामद नशीले कैप्सूल और इंजेक्शन की सप्लाई देने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान माल रोड पर पुलिस की चेकिंग में उन्हें पकड़ लिया गया।

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अब पुलिस इस नेटवर्क की आगे की कड़ियां तलाशने में जुटी है। आरोपियों के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच की जा रही है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि नशीली दवाओं की सप्लाई कहां से होती थी और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।

एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज

थाना सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

जांच के दौरान आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनके संभावित अन्य संपर्कों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

एडीजी और डीआईजी के निर्देशन में कार्रवाई

यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन मेरठ और पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र सहारनपुर के निर्देशन में की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन, सहायक पुलिस अधीक्षक नगर एवं क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ के मिश्रा और थाना प्रभारी सिविल लाइन इन्द्रजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की।

इन पुलिसकर्मियों ने की गिरफ्तारी

कार्रवाई करने वाली टीम में थाना सिविल लाइन प्रभारी निरीक्षक इन्द्रजीत सिंह, स्टेडियम चौकी प्रभारी अरुण चाहर, कांस्टेबल अंकित कुमार, सैनी शर्मा, मोहित कुमार, सुधीर कुमार, ब्रह्मदेव सिंह, याकूब अली, अनमोल सिंह, सनी और पंकज भाटी शामिल रहे।

युवाओं को नशे से बचाने के लिए अभियान जारी रखने का दावा

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कहा कि ऑपरेशन सवेरा के तहत नशीली दवाओं के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस का लक्ष्य नशीली दवाओं के अवैध नेटवर्क को जड़ से खत्म करना और युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोकना है।

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पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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