गाजियाबाद। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और उसके बाद पैदा हुई त्रासदी के बीच भारत ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस से भारतीय वायुसेना का सी17 ग्लोबमास्टर विमान करीब 40 टन राहत सामग्री लेकर नेपाल के लिए रवाना हुआ है।
विमान में मेडिकल राहत सामग्री, डिग्निटी किट और नेपाल में प्रभावित लोगों के लिए जरूरी अन्य सामान भेजा गया है। भारतीय वायुसेना ने आपदा की गंभीरता को देखते हुए राहत सामग्री को तेजी से नेपाल पहुंचाने की तैयारी की।
रातभर चला राहत सामग्री को विमान में भेजने का काम
सी17 ग्लोबमास्टर के कैप्टन विंग कमांडर लग्नजीत नायक ने बताया कि बुधवार को नेपाल एचएडीआर मिशन के लिए निर्देश प्राप्त हुए थे। इसके बाद रात में एनडीआरएफ का सामान और मेडिकल सप्लाई हिंडन एयरबेस पहुंचाई गई।
उन्होंने बताया कि राहत सामग्री को रातभर पैलेटाइज किया गया और इसके बाद विमान में लोडिंग की गई। विमान नेपाल पहुंचने में करीब एक घंटे 15 मिनट का समय लेगा।
विंग कमांडर नायक के मुताबिक विमान में करीब 35 से 40 टन सामग्री भेजी जा रही है। इसमें मेडिकल राहत सामग्री, डिग्निटी किट और नेपाल के लिए आवश्यक अन्य सामान शामिल है।
आपदा की सूचना मिलते ही सक्रिय हुआ हिंडन एयरबेस
हिंडन एयरफोर्स स्टेशन के एओसी एयर कमोडोर राजीव डोभाल ने कहा कि भारतीय वायुसेना ऐसे मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों के लिए हमेशा तैयार रहती है।
उन्होंने बताया कि इसके लिए पहले से जिम्मेदारी तय है और वायुसेना के पास ऐसे अभियानों का व्यापक अनुभव भी है। उन्होंने कहा कि भारत पहले नेपाल के अलावा म्यांमार और श्रीलंका में भी आपदा के दौरान सहायता पहुंचा चुका है।
एयर कमोडोर डोभाल के अनुसार, जानकारी मिलते ही हिंडन एयरबेस ने तत्काल अपनी तैयारियां शुरू कर दीं और राहत अभियान के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।
‘एचएडीआर ऑपरेशन में हिंडन सबसे आगे’
हिंडन एयरबेस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन जय गणेश ने एचएडीआर यानी मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों में हिंडन एयरबेस की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि एचएडीआर ऑपरेशन के लिहाज से हिंडन को वह ‘भाले की नोक’ यानी सबसे आगे रहने वाला मानते हैं। नेपाल में बाढ़ की जानकारी बुधवार दोपहर मिलने के बाद ही बेस से राहत सामग्री एयरलिफ्ट करने की तैयारी शुरू कर दी गई थी।
सी130 और सी17 विमान स्टैंडबाय पर रखे गए
ग्रुप कैप्टन जय गणेश ने बताया कि हिंडन एयरबेस पर आपात परिस्थितियों के लिए पहले से ही व्यवस्था रहती है। नेपाल में बाढ़ की सूचना मिलने के बाद सी130 और सी17 विमानों को स्टैंडबाय पर रखा गया।
उन्होंने कहा कि सिस्टम इस तरह तैयार किया गया है कि आपात स्थिति में राहत सामग्री को तेजी से एयरलिफ्ट किया जा सके। यही वजह है कि निर्देश मिलने के बाद कम समय में राहत सामग्री को विमान में लोड कर दिया गया।
नेपाल के लिए भारत की मदद का सिलसिला जारी
नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के बाद भारत की ओर से राहत सामग्री भेजा जाना दोनों देशों के बीच मानवीय सहयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण है। भारतीय वायुसेना इससे पहले भी विभिन्न देशों में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और बचाव दल पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती रही है।
हिंडन एयरबेस से रवाना हुआ सी17 ग्लोबमास्टर भी इसी राहत अभियान का हिस्सा है। विमान के जरिए बड़ी मात्रा में जरूरी सामान कम समय में नेपाल पहुंचाया जा रहा है, जिससे प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
मुश्किल घड़ी में नेपाल के साथ खड़ा भारत
नेपाल में बाढ़ से बड़े पैमाने पर तबाही के बीच राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। ऐसे समय में भारत ने पड़ोसी देश की मदद के लिए अपने संसाधनों को सक्रिय किया है।
हिंडन एयरबेस से रवाना की गई करीब 40 टन राहत सामग्री में मेडिकल सामान और प्रभावित लोगों की तत्काल जरूरतों से जुड़ी सामग्री शामिल है। भारतीय वायुसेना की तेज कार्रवाई से साफ है कि आपदा की स्थिति में राहत सामग्री को जल्द से जल्द प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचाने को प्राथमिकता दी जा रही है।



