मुजफ्फरनगर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर गांधी नगर स्थित ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र की ओर से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेवा केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी बाबिता दीदी जी के नेतृत्व में ब्रह्माकुमारी बहनों ने शहर के विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर गणमान्यजनों को रक्षासूत्र बांधा और उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पवित्रता, आत्मिक भाईचारे, नशामुक्ति, प्रेम, शांति और श्रेष्ठ जीवन का संदेश दिया गया।

जनप्रतिनिधियों और विशिष्टजनों को बांधा रक्षासूत्र
रक्षाबंधन के अवसर पर ब्रह्माकुमारी बहनों ने राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल, सांसद हरेंद्र मलिक, नगर पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप, क्राइम पुलिस अध्यक्ष इंदु सिद्धार्थ, व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्ण गोपाल मित्तल और पूर्व जिला अध्यक्ष विजय शुक्ला सहित अनेक विशिष्टजनों के आवास पर पहुंचकर रक्षासूत्र बांधा।
इस दौरान ब्रह्माकुमारी बहनों ने सभी को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दीं और समाज में सकारात्मकता, भाईचारे तथा सद्भाव को मजबूत करने का संदेश दिया।

सेवा केंद्र पहुंचकर गणमान्यजनों ने बंधवाई राखी
इसी क्रम में भाजपा सदस्य सत्यप्रकाश रेशू, संजय मित्तल और महिला पुलिस थाना इंचार्ज संगीता चौधरी सहित कई गणमान्यजन गांधी नगर स्थित ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र पहुंचे। यहां ब्रह्माकुमारी बहनों ने उन्हें रक्षासूत्र बांधा और पर्व के आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराया।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संयोजक संजय अरोड़ा सहित संगठन की पूरी टीम को भी रक्षासूत्र बांधा गया।

केवल धागे का पर्व नहीं, आत्मिक संकल्प है रक्षाबंधन
ब्रह्माकुमारी बहनों ने कहा कि रक्षाबंधन केवल कलाई पर धागा बांधने का पर्व नहीं है, बल्कि यह स्वयं को बुराइयों और विकारों से बचाने का आध्यात्मिक संकल्प भी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को आपसी प्रेम, शांति, सद्भाव और आत्मिक भाईचारे की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि राखी का वास्तविक संदेश केवल भाई की बहन की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में पवित्रता और श्रेष्ठ विचारों को अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है।
नशामुक्त और श्रेष्ठ समाज का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान नशामुक्ति पर भी विशेष जोर दिया गया। ब्रह्माकुमारी बहनों ने कहा कि स्वस्थ और संस्कारवान समाज के निर्माण के लिए युवाओं तथा आम लोगों को नशे से दूर रहना चाहिए। पवित्र विचार, सकारात्मक सोच और आत्मिक शक्ति को जीवन का हिस्सा बनाकर व्यक्ति स्वयं के साथ परिवार और समाज को भी बेहतर दिशा दे सकता है।
रक्षासूत्र बांधने के दौरान सभी गणमान्यजनों को प्रेम, शांति, पवित्रता और सद्भाव के साथ जीवन जीने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य रक्षाबंधन के आध्यात्मिक पक्ष को समाज तक पहुंचाना और लोगों को श्रेष्ठ जीवन के लिए प्रेरित करना रहा।



