हल्द्वानी। नैनीताल-हल्द्वानी हाईवे पर रविवार तड़के भूस्खलन के चलते पहाड़ी का एक हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा। दोगांव के पास पहाड़ी से बड़े बोल्डर और मलबा गिरने के कारण नैनीताल-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गया। सड़क पर मलबा आने के बाद दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात प्रभावित हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क से बोल्डर और मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके लिए दो जेसीबी मशीनों को लगाया गया है।
तड़के पहाड़ी से गिरे बोल्डर, अचानक थम गया यातायात
रविवार सुबह भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में अचानक पहाड़ी से बोल्डर गिरने लगे। दोगांव के पास सड़क पर बड़े पत्थर और मलबा आ जाने से हाईवे पूरी तरह बाधित हो गया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई।
प्रशासन और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और यातायात को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। वाहन चालकों को भी भूस्खलन प्रभावित हिस्से में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
पहले भी टूटकर सड़क पर गिर चुका है पहाड़ का हिस्सा
दोगांव के पास यह इलाका पहले भी भूस्खलन की चपेट में आ चुका है। इससे पहले भी पहाड़ी का एक हिस्सा टूटकर सड़क पर गिर गया था। इस बार पहाड़ी से गिरे स्लेटनुमा पत्थरों और मलबे ने सड़क को बाधित करने के साथ ही हाईवे के पैराफिट को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
भूस्खलन के कारण बड़ी मात्रा में मलबा सड़क से नीचे नदी और जंगल की ओर भी चला गया है। इससे आसपास का क्षेत्र भी प्रभावित हुआ है।
लगातार गिर रहे पत्थरों से मलबा हटाने में परेशानी
लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क को जल्द से जल्द यातायात के लिए खोलने का प्रयास किया जा रहा है। मलबा हटाने के लिए दो जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं।
हालांकि पहाड़ी से लगातार स्लेटनुमा पत्थरों के गिरने के कारण राहत और बचाव कार्य में दिक्कत आ रही है। मशीनों को भी सावधानी के साथ संचालित किया जा रहा है, ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो।
डेढ़ से दो घंटे में मार्ग खुलने की उम्मीद
प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की टीम लगातार सड़क से मलबा हटाने में जुटी हुई है। मौके पर चल रहे कार्य के आधार पर माना जा रहा है कि अगले डेढ़ से दो घंटे में हाईवे को यातायात के लिए सुचारू किया जा सकता है।
फिलहाल यात्रियों और वाहन चालकों को भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। पहाड़ी से पत्थर गिरने की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की टीमें मौके पर निगरानी बनाए हुए हैं।


