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अखिलेश पर राजभर का तीखा हमला, बोले- ‘कम से कम भगवान कृष्ण के तो बनकर रहिए’; यदुवंशी होने पर भी उठाए सवाल

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लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर राजभर ने अखिलेश यादव के कथित साक्षात्कार का हवाला देते हुए उनके राजनीतिक रुख पर सवाल खड़े किए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश खुद को यदुवंशी बताते हैं, लेकिन भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण का नाम लेने से क्यों बचते हैं।

राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर अखिलेश यादव से कहा, “कम से कम भगवान कृष्ण के तो बनकर रहिए भाई।” उन्होंने दावा किया कि एक साक्षात्कार में पत्रकार ने अखिलेश से सीधे पूछा था कि ‘जय श्री राम’ बोलें या ‘जय श्री कृष्ण’, लेकिन उन्होंने कथित तौर पर सवाल का जवाब देने के बजाय बातचीत का रुख बदल दिया।

‘अपने भगवान का नाम लेने में इतना डर क्यों?’

ओम प्रकाश राजभर ने अपने बयान में अखिलेश यादव के यदुवंशी होने के दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति खुद को यदुवंशी कहता है तो उसे भगवान श्रीकृष्ण का नाम लेने में संकोच नहीं होना चाहिए।

राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि आखिर ऐसा क्या डर है कि अपने ही भगवान का नाम खुलकर लेने से बचना पड़ रहा है। उन्होंने इसे राजनीतिक वोट बैंक से जोड़ते हुए अखिलेश यादव पर निशाना साधा और कहा कि कहीं 18 प्रतिशत वोट का डर तो नहीं है कि अपने भगवान का नाम तक खुलकर नहीं ले पा रहे हैं।

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‘दर्शन करने और जन्मस्थली जाने से भी बचते हैं’

सुभासपा अध्यक्ष ने अखिलेश यादव पर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करने और उनकी जन्मस्थली जाने को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो एक दिन उनकी अपनी बिरादरी भी उनसे सवाल कर सकती है कि क्या वे वास्तव में यदुवंशी हैं।

राजभर का यह बयान ऐसे समय आया है जब जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े धार्मिक आयोजनों को लेकर राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से भी लगातार बयान सामने आ रहे हैं।

‘राम के हुए न कृष्ण के’ कहकर कसा तंज

मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के मुस्लिम समुदाय से जुड़े कार्यक्रमों में भागीदारी और उनके बयानों का हवाला देते हुए भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश का झुकाव केवल एक तरफ दिखाई देता है।

राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव पैगम्बर-ए-इस्लाम के जन्मोत्सव पर लखनऊ में होने वाले कार्यक्रम की सफलता की कामना खुलकर करते हैं और टोपी भी लगाते हैं। इसी आधार पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश न राम के हुए, न कृष्ण के और न ही यदुवंश के।

‘किसी के तो सगे बन जाइए’

ओम प्रकाश राजभर ने अपने बयान में व्यंग्यात्मक अंदाज अपनाते हुए कहा, “अरे महाराज, किसी के तो सगे बन जाइए!” उनके इस बयान को लेकर यूपी की सियासत में एक बार फिर जुबानी जंग तेज होने के आसार हैं।

राजभर और अखिलेश यादव के बीच राजनीतिक बयानबाजी पहले भी कई मौकों पर सामने आती रही है। जन्माष्टमी के मौके पर राजभर के इस ताजा हमले ने धार्मिक पहचान, यादव राजनीति और वोट बैंक के मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

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‘कृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर की मांग का समर्थन करें’

अपने बयान के अंत में ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि किसी दिन अखिलेश यादव का ‘जमीर जागेगा’ और वह भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर की मांग का समर्थन करेंगे।

राजभर ने कहा कि ऐसा तभी संभव होगा जब भगवान श्रीकृष्ण की उन पर कृपा होगी। उन्होंने अपने संदेश का समापन “जय श्री राम, जय श्री कृष्ण, जय परशुराम, जय महाराजा सुहेलदेव, जय सुभासपा और जय सनातन” के नारों के साथ किया।

राजभर के इस बयान से साफ है कि जन्माष्टमी के धार्मिक माहौल के बीच उन्होंने अखिलेश यादव को सीधे निशाने पर लेते हुए उनकी राजनीति और धार्मिक प्रतीकों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब इस बयान पर समाजवादी पार्टी या अखिलेश यादव की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।

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