नई दिल्ली। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, निवेश या नए कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखने की परंपरा है। पंचांग सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति के आधार पर शुभ-अशुभ समय की जानकारी देता है। 5 अगस्त 2026, बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। इस दिन भगवान गणेश, मां महालक्ष्मी और सावन मास के कारण भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।
पंचांग के अनुसार बुधवार को कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि रात 8 बजकर 42 मिनट तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सप्तमी तिथि पर विधि-विधान से पूजा करने से सुख, समृद्धि और मंगल की प्राप्ति होती है।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा की स्थिति
बुधवार को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 3 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 2 मिनट पर होगा। चंद्रोदय रात 11 बजकर 14 मिनट पर होगा, जबकि चंद्रास्त अगले दिन दोपहर 12 बजकर 56 मिनट पर होगा।
इस दिन सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेगा। चंद्रमा रात 9 बजकर 17 मिनट तक मेष राशि में अश्विनी नक्षत्र में रहेगा। इसके बाद भरणी नक्षत्र प्रारंभ हो जाएगा। ज्योतिषीय दृष्टि से नक्षत्र परिवर्तन का विशेष महत्व माना जाता है।
जानें शुभ मुहूर्त और अमृत काल
पंचांग के अनुसार बुधवार को शाम 5 बजकर 30 मिनट तक शूल योग रहेगा। इसके बाद गंड योग प्रारंभ होगा।
दिन का सबसे शुभ समय माना जाने वाला अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। वहीं अमृत काल दोपहर 2 बजकर 17 मिनट से 3 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में पूजा, मांगलिक कार्य और महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ माना जाता है।
राहुकाल और अन्य अशुभ समय
बुधवार को राहुकाल दोपहर 12 बजकर 32 मिनट से 2 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 10 बजकर 55 मिनट से दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगा, जबकि यमगंड काल सुबह 7 बजकर 40 मिनट से 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगा।
ज्योतिष शास्त्र में इन अवधियों को नए कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है। इसलिए परंपरागत मान्यताओं के अनुसार इन समयों में महत्वपूर्ण कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है।
उत्तर दिशा में रहेगा दिशाशूल
पंचांग के अनुसार बुधवार को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु मान्यताओं के अनुसार इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि किसी कारणवश यात्रा करना आवश्यक हो तो पारंपरिक ज्योतिषीय उपाय अपनाकर प्रस्थान करने की सलाह दी जाती है।
धार्मिक मान्यता है कि बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा करने से बुद्धि, विवेक और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं मां महालक्ष्मी की आराधना से धन-धान्य और समृद्धि में वृद्धि होती है। सावन मास होने के कारण भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व है और श्रद्धालु इस दिन जलाभिषेक, रुद्राभिषेक तथा शिव मंत्रों का जाप कर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं।



