Home » उत्तर प्रदेश » गोरक्षा कानून पर अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान, बोले- अब वोट उसी को जो देगा गाय संरक्षण की गारंटी

गोरक्षा कानून पर अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान, बोले- अब वोट उसी को जो देगा गाय संरक्षण की गारंटी

Facebook
Twitter
WhatsApp

अयोध्या। ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने देश में गोरक्षा कानून नहीं बनने को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि अब हिंदू समाज को उन राजनीतिक दलों से सवाल करना होगा, जो गाय के नाम पर राजनीति तो करते हैं, लेकिन गोरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाते।

शंकराचार्य ने कहा कि गायों की रक्षा करना सनातन परंपरा और हिंदू समाज का प्रमुख कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले गोरक्षा को लेकर कई वादे किए गए थे, लेकिन आजादी के इतने वर्षों बाद भी देश में कोई प्रभावी केंद्रीय गोरक्षा कानून नहीं बन सका है।

गोरक्षा की गारंटी देने वाले दल को समर्थन की अपील

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि देश की राजनीति वोट पर आधारित है, इसलिए अब जनता को भी अपने मुद्दों के आधार पर फैसला लेना होगा। उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक दल गोरक्षा की गारंटी देगा, अब उसी को वोट देने का संकल्प लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को इस विषय पर विचार करने के लिए 6 से 8 महीने का समय दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई दल गाय के नाम पर केवल दिखावा करते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति अलग है।

शंकराचार्य ने कहा कि कई बार नेता गाय को गुड़-चना खिलाकर तस्वीरें खिंचवाते हैं और खुद को गौ-रक्षक बताते हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति आंकड़ों में दिखाई देती है।

केंद्र सरकार पर भी साधा निशाना

शंकराचार्य ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में बैठे दलों से जनता की सबसे ज्यादा उम्मीद होती है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में लोगों ने गोरक्षा की उम्मीद से भाजपा को समर्थन दिया, लेकिन अब भी यह सवाल बना हुआ है कि क्या वास्तव में गायों की रक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाए गए हैं।

ALSO READ THIS :  बागपत: मलकपुर शुगर मिल का 184 करोड़ बकाया, किसान 4 नवंबर से अनशन की धमकी; सांसद सांगवान बोले- अधिग्रहण का नोटिस जारी

उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान गोरक्षा को लेकर कई नारे दिए गए, लेकिन कानून बनाने की दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई।

राम मंदिर प्रबंधन को लेकर उठाए सवाल

अयोध्या स्थित राम मंदिर के प्रबंधन और हाल में सामने आए विवादों को लेकर भी शंकराचार्य ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि पूरी व्यवस्था में कमी है तो केवल किसी एक व्यक्ति या हिस्से को बदलने से समस्या का समाधान नहीं होगा।

उन्होंने मंदिर प्रबंधन को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन लोगों की भूमिका राम मंदिर आंदोलन के समय अलग रही, वे आज मंदिर व्यवस्था में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति कई सनातनी श्रद्धालुओं के लिए पीड़ा का कारण है।

जांच और प्रशासनिक व्यवस्था पर जताई नाराजगी

अयोध्या में मंदिर से जुड़े विवादों की जांच को लेकर शंकराचार्य ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने मुख्यमंत्री के अयोध्या दौरे और दिए गए आश्वासनों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता को अब स्पष्ट जवाब और कार्रवाई का इंतजार है।

शंकराचार्य ने कहा कि गोरक्षा और राम मंदिर जैसे मुद्दे करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े हैं, इसलिए इन पर राजनीति के बजाय ठोस निर्णय लिए जाने चाहिए।

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें