मुज़फ़्फ़रनगर। नई मंडी थाना क्षेत्र की ए-टू-ज़ेड कॉलोनी में शनिवार देर रात पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान के आवास के बाहर उस समय हाईवोल्टेज हंगामा खड़ा हो गया, जब स्थानीय निवासी अमित बाना ने उनके सुरक्षाकर्मियों पर कथित मारपीट और कार में तोड़फोड़ का आरोप लगाते हुए परिवार और कॉलोनीवासियों के साथ धरना शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही नई मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई, लेकिन देर रात तक मामला शांत नहीं हो सका।

अमित बाना का आरोप है कि वह रात करीब 10:30 बजे अपनी बहन के घर से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान ए-टू-ज़ेड कॉलोनी में उन्होंने मोबाइल पर बात करने के लिए अपनी कार सड़क किनारे रोक दी। आरोप है कि तभी सिविल ड्रेस में मौजूद दो युवक उनके पास पहुंचे और बिना किसी बात के उनके साथ अभद्रता करते हुए हमला कर दिया। उनका दावा है कि एक युवक ने बेसबॉल के डंडे से उन पर वार किया, जिससे उनके हाथ में चोट आई। साथ ही उनकी कार पर भी हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया गया। अमित का आरोप है कि वारदात के बाद दोनों युवक सीधे पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान के आवास के अंदर चले गए।

घटना की जानकारी मिलते ही अमित के भाई डॉ. ललित बाना सहित अन्य परिजन मौके पर पहुंच गए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उन्होंने डॉ. संजीव बालियान से बाहर आकर घटना पर बात करने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने सुबह आने की बात कहकर टाल दिया। पीड़ितों का दावा है कि इस दौरान हुई बातचीत का वीडियो भी उन्होंने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड किया है।
सूचना पर नई मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन पीड़ित परिवार पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हुआ। इसके बाद देर रात करीब 12 बजे अमित बाना, डॉ. ललित बाना और दर्जनों कॉलोनीवासी पूर्व केंद्रीय मंत्री के आवास के बाहर धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की।
धरने पर बैठे अमित बाना ने आरोप लगाया कि डॉ. संजीव बालियान और उनके भाई विवेक बालियान उनसे पुरानी रंजिश रखते हैं, क्योंकि उन्होंने कॉलोनी में कथित अतिक्रमण और अन्य मामलों की शिकायतें की थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलोनी के पार्क पर कब्जा कर निर्माण किया गया है तथा एक अन्य पार्क को भी अपने परिसर में शामिल कर पार्किंग बना दी गई है। उनका यह भी दावा है कि फरवरी 2025 में भी उन पर हमला हुआ था, लेकिन शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से मांग की कि कथित हमले में शामिल आरोपियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए, कॉलोनी में कथित अतिक्रमण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।



