बलिया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ के बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की 11 मोटरसाइकिलें, एक ट्रैक्टर-ट्रॉली, अवैध तमंचा और अन्य चोरी का सामान बरामद किया गया है। पुलिस गिरोह के नेटवर्क और आपराधिक इतिहास की गहन जांच में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, देर रात थाना बहरिया पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि वाहन चोरी करने वाले गिरोह के सदस्य चोरी के वाहन और अन्य सामान बेचने के लिए बिहार की ओर जाने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने कोला बाजराय के पास घेराबंदी कर संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया।
इसी दौरान पुलिस को देखकर बदमाशों ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक आरोपी के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर चार अन्य आरोपियों को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में कबूले कई वाहन चोरी के मामले
अपर पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा ने बताया कि घायल आरोपी की पहचान गढ़वार थाना क्षेत्र के कुड़ारी निवासी हेमंत सिंह के रूप में हुई है। वहीं गिरफ्तार अन्य आरोपियों के नाम अनुज उपाध्याय, दिनेश श्रीवास्तव, आकाश सिंह और जय कुमार हैं।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों समेत अन्य स्थानों से कई वाहन चोरी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह किन-किन राज्यों में सक्रिय था और चोरी के वाहनों को किस नेटवर्क के जरिए बेचा जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, चोरी की 11 मोटरसाइकिलें, एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य चोरी का सामान बरामद किया है। बरामद वाहनों के संबंध में भी जांच की जा रही है ताकि उनके वास्तविक मालिकों का पता लगाया जा सके।
घायल आरोपी हेमंत सिंह को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश और उनके आपराधिक नेटवर्क की जांच भी जारी है।



