बरेली। बरेली में एक युवती के धर्म परिवर्तन और अंतरधार्मिक विवाह का मामला सामने आया है। हरदोई के सांडी कस्बे की रहने वाली रजिया ने अपनी इच्छा से इस्लाम धर्म छोड़कर सनातन धर्म अपनाने का दावा किया है। इसके बाद उसने अपना नाम गौरी देवी रखा और बरेली के फरीदपुर तहसील क्षेत्र के दीपपुर तिराह गांव निवासी तोताराम से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह किया।
शादी के बाद नवविवाहित जोड़े ने अपने परिजनों से जान का खतरा बताते हुए पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। दोनों का कहना है कि उन्होंने बालिग होने के बाद अपनी मर्जी से शादी का फैसला लिया है। हालांकि, युवती की ओर से लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
ईंट भट्ठे पर काम के दौरान हुई थी दोनों की मुलाकात
बताया गया कि रजिया और तोताराम की मुलाकात मिर्जापुर में एक ईंट भट्ठे पर काम करने के दौरान हुई थी। दोनों वहां मजदूरी और ईंट पाथने का काम करते थे। काम के दौरान पानी भरने और अन्य गतिविधियों के बीच दोनों की बातचीत शुरू हुई।
धीरे-धीरे यह बातचीत प्रेम संबंध में बदल गई। इसके बाद दोनों ने साथ जीवन बिताने और शादी करने का फैसला किया। रजिया के मुताबिक, जब उसके परिवार को इस रिश्ते की जानकारी हुई तो उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया।
परिवार के विरोध और दबाव का लगाया आरोप
रजिया ने आरोप लगाया कि परिवार को उसके प्रेम संबंध की जानकारी मिलने के बाद उसका फोन छीन लिया गया और उसके साथ मारपीट भी की गई। उसने दावा किया कि परिवार की ओर से उसकी शादी किसी अन्य व्यक्ति से कराने का दबाव बनाया जा रहा था।
रजिया के मुताबिक, परिवार के विरोध के बावजूद वह तोताराम के संपर्क में रही। परिवार के कुछ सदस्य जब उसकी नानी के घर गए थे, उसी दौरान वह घर से निकलकर तोताराम के पास पहुंच गई। इसके बाद दोनों बरेली आए और शादी करने का निर्णय लिया।
कचहरी में तैयार कराए शपथ पत्र
दोनों ने बरेली कचहरी में नोटरी से प्रमाणित शपथ पत्र तैयार कराए। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, रजिया की जन्मतिथि एक मई 2007 और तोताराम की जन्मतिथि 15 जून 2003 दर्ज है।
शपथ पत्र में रजिया ने अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाने और अपना नाम गौरी देवी रखने की बात कही है। वहीं तोताराम ने बिना दहेज या किसी तरह के प्रलोभन के रजिया को पत्नी के रूप में स्वीकार करने की बात कही है।
आश्रम में वैदिक रीति से हुआ विवाह
इसके बाद दोनों मढ़ीनाथ स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंचे। आश्रम के महंत आचार्य केके शंखधार के अनुसार, युवक और युवती की ओर से शपथ पत्र तथा अन्य प्रमाण पत्र वकील के माध्यम से आश्रम में प्रस्तुत किए गए थे।
दस्तावेजों की जांच के बाद आश्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक संस्कार कराए गए। शुद्धिकरण की प्रक्रिया के बाद दोनों का हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कराया गया। विवाह के दौरान सात फेरे और अन्य वैदिक रस्में पूरी की गईं।
‘भगवान शिव में आस्था रखती हूं’
गौरी देवी ने कहा कि वह पिछले कई वर्षों से हिंदू धर्म और भगवान शिव में आस्था रखती हैं। उन्होंने दावा किया कि परिवार उनके प्रेम संबंध के विरोध में था और दूसरी जगह शादी करने का दबाव बनाया जा रहा था।
गौरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिला प्रशासन से खुद के साथ-साथ अपने पति और ससुराल वालों की सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन और विवाह किया है।
पति ने भी सुरक्षा की मांग की
तोताराम ने कहा कि दोनों ने अपनी इच्छा से शादी की है। उसके मुताबिक, रजिया के परिवार की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें अपनी जान का खतरा है।
शादी के बाद दोनों ने वीडियो बयान जारी कर पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार भी लगाई है।
आश्रम के महंत ने दस्तावेजों के आधार पर कराई शादी
आचार्य केके शंखधार ने बताया कि दोनों के शपथ पत्र और प्रमाण पत्र आश्रम में प्रस्तुत किए गए थे। दस्तावेजों में दोनों को बालिग बताया गया है। युवती ने अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाने और हिंदू युवक से विवाह करने की बात कही थी।
इसके बाद आश्रम में धार्मिक प्रक्रिया पूरी कर दोनों का हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कराया गया।
पुलिस-प्रशासन से सुरक्षा की गुहार
विवाह के बाद सामने आए वीडियो में नवविवाहित जोड़े ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। दोनों ने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
फिलहाल मामले में युवती द्वारा अपने परिवार पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले में क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर भी नजर बनी हुई है।



