पटना। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित वंदे मातरम कार्यक्रम को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के कार्यक्रम में राष्ट्रगीत के दौरान नेताओं के कथित हावभाव को लेकर सवाल उठाते हुए पार्टी पर राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव, भाजपा सांसद मनोज तिवारी और भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कांग्रेस नेतृत्व पर अलग अलग तरीके से हमला बोला।
भाजपा नेताओं ने विशेष रूप से कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के कथित हावभाव को लेकर सवाल उठाए। हालांकि इन नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट के उपलब्ध इनपुट में सामने नहीं आई है।
वंदे मातरम के दौरान कथित हावभाव पर भाजपा ने खोला मोर्चा
केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी के विदेश दौरों और उनके बयानों का हवाला देते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर राष्ट्रवाद के मुद्दे पर सवाल खड़े किए।
गिरिराज सिंह ने कहा कि जो व्यक्ति देश को गाली देता है, उसे वंदे मातरम और भारत माता पर भरोसा कैसे हो सकता है। उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए बेहद तीखी टिप्पणी की और इसे देश का दुर्भाग्य बताया।
राहुल गांधी के ध्यान को लेकर भी उठाया सवाल
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने वंदे मातरम कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कार्यक्रम में पूरा वंदे मातरम बजाया गया। उनके मुताबिक राष्ट्रगीत की अवधि करीब तीन मिनट चार सेकंड थी और कांग्रेस के कई बड़े नेता कार्यक्रम में मौजूद थे।
रामचंद्र राव ने दावा किया कि वंदे मातरम के दौरान राहुल गांधी का ध्यान कहीं और था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे खड़े थे, जबकि सोनिया गांधी कथित तौर पर असहज और बेचैन दिखाई दे रही थीं।
भाजपा नेता ने दावा किया कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम के दौरान इतना समय लगने को लेकर सवाल भी किया। उन्होंने इस कथित घटनाक्रम को कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति रवैये से जोड़ते हुए पार्टी पर निशाना साधा।
सोनिया गांधी के हावभाव को लेकर मनोज तिवारी का हमला
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा। उन्होंने राहुल गांधी के स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराने के कार्यक्रम में कथित तौर पर शामिल नहीं होने का मुद्दा उठाया और सवाल किया कि ऐसे नेता वंदे मातरम कैसे गाएंगे।
मनोज तिवारी ने दावा किया कि कांग्रेस मुख्यालय में पूरा वंदे मातरम बजने के दौरान सोनिया गांधी कथित तौर पर असहज हो गईं और उन्होंने इसे बंद करने का इशारा किया। भाजपा सांसद ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आया और इसे लोगों ने देखा है।
शाहनवाज हुसैन बोले, राष्ट्रगीत के समय गर्व का भाव होना चाहिए
भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वंदे मातरम गाते समय चेहरे पर गर्व और सम्मान का भाव दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत के दौरान सिर गर्व से ऊंचा होना चाहिए और देशभक्ति की भावना स्पष्ट नजर आनी चाहिए।
शाहनवाज हुसैन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेताओं के चेहरे पर कथित तौर पर गर्व के बजाय झुंझलाहट दिखाई दे रही थी। उन्होंने कहा कि भाजपा विपक्षी दलों के कार्यक्रमों पर नजर रखती है, लेकिन राष्ट्रीय गीत और प्रतीकों का सम्मान सभी को करना चाहिए।
कांग्रेस पर राष्ट्रीय प्रतीकों के अनादर का आरोप
एन. रामचंद्र राव ने कांग्रेस पर वंदे मातरम और राष्ट्रीय प्रतीकों के कथित अनादर का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए राष्ट्रवाद का मतलब नेहरू परिवार से जुड़ी राजनीतिक विरासत तक सीमित है।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व के कथित व्यवहार को राजनीतिक मुद्दा बनाते हुए पार्टी से राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर सवाल पूछे हैं। भाजपा नेताओं के बयानों के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज होने की बात कही जा रही है।
वंदे मातरम पर बयानबाजी से गरमाया सियासी माहौल
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वंदे मातरम कार्यक्रम अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के कथित हावभाव को राष्ट्रगीत के सम्मान से जोड़ते हुए पार्टी पर हमला बोला है। दूसरी ओर, इस पूरे मामले में कांग्रेस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही उसकी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
राष्ट्रगीत से जुड़े इस विवाद ने एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस के बीच राष्ट्रवाद, राष्ट्रीय प्रतीकों और राजनीतिक आचरण को लेकर बहस को तेज कर दिया है।



