गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेशव्यापी ३५ करोड़ पौधरोपण महाअभियान का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण केवल कोई सरकारी एजेंडा या कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए एक बड़ा राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने रेखांकित किया कि उत्तर प्रदेश ने जहां एक ओर तीव्र औद्योगिक और बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) का विकास किया है, वहीं दूसरी ओर वन क्षेत्र (ग्रीन कवर) को बढ़ाकर प्रकृति और प्रगति के बीच संतुलन का एक बेहतरीन मॉडल पेश किया है।
मौलश्री का पौधा लगाकर की ‘वृक्षारोपण महायज्ञ’ की शुरुआत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में पारंपरिक ‘मौलश्री’ का पौधा रोपकर ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृक्षारोपण महायज्ञ-२०२६ की विधिवत शुरुआत की। सनातन परंपरा और वैदिक मंत्र ‘माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः’ (धरती हमारी माता है और हम इसके पुत्र हैं) का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वृक्षारोपण को एक जन-आंदोलन का रूप दे दिया है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ की भावुक और प्रेरक थीम हर नागरिक को अपनी धरती माता के प्रति कर्तव्यों को पूरा करने के लिए प्रेरित करती है।
विकास के साथ बढ़ा यूपी का वन क्षेत्र: ९ वर्षों में २४२ करोड़ पौधे
प्रदेश की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड संख्या में एक्सप्रेसवे, नए एयरपोर्ट्स, उद्योगों, रेलवे लाइनों और शहरीकरण का विस्तार हुआ है, लेकिन विकास की इस अंधी दौड़ में पर्यावरण को पीछे नहीं छोड़ा गया।
ऐतिहासिक रिकॉर्ड: पिछले नौ वर्षों के दौरान उत्तर प्रदेश में २४२ करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया गया है।
एक दिन का महा-लक्ष्य: इस वर्ष १२ जुलाई को एक ही दिन में पूरे प्रदेश के भीतर ३५ करोड़ से अधिक पौधे लगाने का विशाल लक्ष्य निर्धारित कर उसे पूरा किया जा रहा है।
कार्बन अवशोषण में कमी: सैटेलाइट (उपग्रह) सर्वे और विभिन्न रिपोर्टों से स्पष्ट हुआ है कि राज्य का ग्रीन कवर बढ़ा है। पिछले वर्ष रोपे गए पौधों के माध्यम से लगभग ४.३० लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण दर्ज किया गया है, जो एक बड़ी पर्यावरणीय उपलब्धि है।
ग्लोबल वार्मिंग और जल संकट पर जताई गहरी चिंता
दुनियाभर में मंडरा रहे पर्यावरण संकट पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज पूरी मानव जाति ग्लोबल वार्मिंग, भयंकर जल संकट और प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। देश-दुनिया के कई बड़े शहर आज ‘गैस चैंबर’ में तब्दील हो चुके हैं और समुद्र का लगातार बढ़ता जलस्तर भविष्य की भयावहता का संकेत दे रहा है। उन्होंने साफ कहा कि यह स्थिति प्रकृति के साथ अंधाधुंध मानवीय छेड़छाड़, जंगलों की कटाई, पारंपरिक जल स्रोतों की उपेक्षा और तालाबों पर किए गए अवैध कब्जों का ही दुष्परिणाम है।
उज्ज्वला योजना से मिली प्रदूषण और धुएं से मुक्ति
केंद्र और राज्य सरकार के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ का विशेष जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत देश के करोड़ों परिवारों को मुफ्त एलपीजी (LPG) कनेक्शन दिए गए, जिसमें से अकेले उत्तर प्रदेश के दो करोड़ परिवार लाभान्वित हुए हैं। इस कदम से ग्रामीण अंचलों में माताओं-बहनों को चूल्हे के जानलेवा धुएं से मुक्ति मिली है और उनके स्वास्थ्य व पर्यावरण दोनों में व्यापक सुधार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने अंत में समस्त प्रदेशवासियों से भावुक अपील की कि वे इस वृक्षारोपण अभियान को केवल एक दिन का औपचारिक कार्यक्रम न समझें, बल्कि रोपे गए पौधों को जीवित रखने और उनके पूर्ण संरक्षण का भी संकल्प लें।



