गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा राहत वितरण को लेकर पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) पर किसानों की सहायता राशि में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों का पैसा हजम करने वालों को उन्हीं का श्राप ले डूबा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्ष 2014 में हुदहुद चक्रवात के दौरान केंद्र सरकार की ओर से भेजे गए 3,200 करोड़ रुपये में से तत्कालीन सपा सरकार किसानों को केवल 800 करोड़ रुपये ही वितरित कर सकी थी। उनके मुताबिक, वर्ष 2017 में प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद मामले की पड़ताल कराई गई और किसानों को बकाया मुआवजा दिलाने के लिए अलग से धनराशि की व्यवस्था की गई।
सोमवार को गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से प्रभावित प्रदेश के 9,18,091 किसानों के खातों में 493 करोड़ रुपये का कृषि निवेश अनुदान हस्तांतरित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावित किसानों को आठ से दस दिन के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराया है। उनके अनुसार, इस वर्ष बरसात के दौरान आपदा प्रभावित किसानों और नागरिकों को करीब एक हजार करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
सपा और कांग्रेस पर किसानों की सहायता राशि को लेकर आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी जाति के नाम पर समाज को बांटती रही, लेकिन किसानों की मेहनत की कमाई पर भी डकैती डालने से नहीं चूकी। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के लिए भेजी गई सहायता राशि का पूरा लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचा।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी योजनाओं में 100 रुपये भेजे जाने पर लाभार्थियों तक केवल 15 रुपये पहुंचते थे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के पुराने बयान का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि शेष धनराशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती थी। योगी ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में यदि किसी किसान के लिए 25 हजार रुपये स्वीकृत होते हैं, तो पूरी राशि सीधे उसके बैंक खाते में पहुंचती है। उनके मुताबिक, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है। ये आरोप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में लगाए।
जनहानि पर 24 घंटे में चार लाख रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के दौरान जनहानि होने पर प्रभावित परिवार को 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आकाशीय बिजली समेत दुर्घटनाओं के मामलों में पात्र किसानों, बटाईदारों और उनके परिवारों को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि पूरी तरह क्षतिग्रस्त आवासों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1.20 लाख रुपये अलग से दिए जा रहे हैं। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों और पशुहानि के मामलों में भी नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इससे पहले 1,29,326 किसानों को फसल क्षति के लिए करीब 78 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति से संबंधित मामलों में 225.93 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है।
बाढ़ से कटान रोकने और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ से होने वाले कटान को रोकने के लिए तत्काल कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग को इसके लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), नगर विकास विभाग और विकास प्राधिकरणों को मौसम साफ होते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत शुरू कराने को कहा गया है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपदा राहत और आवागमन बहाल करने के लिए जितनी धनराशि की आवश्यकता होगी, सरकार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने आकाशीय बिजली से बचाव के लिए लगाए गए अर्ली वार्निंग सिस्टम और वर्षा मापने के लिए स्थापित रेन गेज का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि नागरिकों को मोबाइल फोन पर मौसम संबंधी अलर्ट भेजे जा रहे हैं, ताकि समय रहते सावधानी बरती जा सके।
15 अक्टूबर से कई जिलों में खुलेंगे धान खरीद केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में अतिवृष्टि हुई है, वहां 15 अक्टूबर से धान, ज्वार, बाजरा और मक्का के क्रय केंद्र खोले जाएंगे। अन्य जिलों में सोमवार से खरीद शुरू होने की जानकारी भी उन्होंने दी। मुख्यमंत्री के अनुसार, किसानों की उपज खरीदने की कोई सीमा नहीं होगी और भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाएगा।
उन्होंने सरकार की कृषि संबंधी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया जा चुका है। इसके अलावा 16 लाख निजी नलकूपों की बिजली निशुल्क की गई है और 22 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
आपदा प्रभावित लाभार्थियों को सौंपे प्रतीकात्मक चेक
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा प्रभावित लाभार्थियों को सहायता राशि के प्रतीकात्मक चेक सौंपे। इनमें सदर क्षेत्र की रेशमा देवी, चंदन कुमार पासवान, इंद्रावती, सविता देवी, चुन्नी देवी और सीमा देवी शामिल रहीं। कैंपियरगंज क्षेत्र के बहराइची, बेचन प्रसाद, जोकखन, संपत और परमहंस को भी चेक दिए गए।
इसके अतिरिक्त सदर क्षेत्र के चंद्रप्रकाश द्विवेदी और धरणीधर तथा गोला क्षेत्र के गिरजापति त्रिपाठी, कमलेश, रामदरश, जनार्दन प्रसाद और राणा प्रताप सिंह को भी सहायता राशि के प्रतीकात्मक चेक प्रदान किए गए। कार्यक्रम में बताया गया कि सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी गई।
कृषि मंत्री ने गन्ना भुगतान और फसल बीमा का किया जिक्र
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार ने किसानों को प्राथमिकता दी है। उनके मुताबिक, अब तक कृषि क्षेत्र में 69,163 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने बताया कि गन्ने का मूल्य 280 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है और गन्ना किसानों को 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।
शाही ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले नौ वर्षों में किसानों को 6,125 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई है।
वहीं, सांसद रवि किशन ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान किसान कर्ज और आर्थिक संकट से परेशान रहते थे। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने कर्जमाफी, गन्ना भुगतान और आपदा राहत को प्राथमिकता दी है तथा संकट के समय किसानों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
मिशन शक्ति रैली को दिखाई हरी झंडी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन शक्ति के छठे चरण के तहत जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में स्कूटी सवार महिला पुलिसकर्मियों और महिलाओं ने हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री ने कृषि, उद्यान, मत्स्य पालन और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना समेत विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया। कार्यक्रम में आपदा राहत वितरण, कृषि सहायता और महिला सुरक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

