नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में बारिश थमने के बाद वायु प्रदूषण का स्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। राजधानी दिल्ली से लेकर नोएडा और गाजियाबाद तक कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। कुछ स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार दर्ज किया गया है। दिल्ली के अलीपुर में एक्यूआई 415 और बवाना में 409 तक पहुंच गया। वहीं, नोएडा के सेक्टर-62 में एक्यूआई 406 दर्ज किया गया है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर ने लोगों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और आईआईटीएम के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है। अलीपुर में सबसे अधिक 415 एक्यूआई दर्ज किया गया, जबकि बवाना में यह आंकड़ा 409 रहा। बुराड़ी क्रॉसिंग में 383 और अशोक विहार में 350 एक्यूआई दर्ज किया गया।
इसके अलावा बुराड़ी में 348, आया नगर में 310 और बदरपुर में 300 एक्यूआई रहा। इन आंकड़ों से साफ है कि राजधानी के कई हिस्सों में लोगों को प्रदूषित हवा में सांस लेनी पड़ रही है।
नोएडा के सेक्टर-62 में AQI 406, कई सेक्टरों में भी खराब स्थिति
नोएडा में भी वायु प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सेक्टर-62 में एक्यूआई 406 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब स्थिति को दर्शाता है। सेक्टर-39 में 364, सेक्टर-150 में 343 और सेक्टर-116 में 270 एक्यूआई रहा।
वहीं, सेक्टर-125 में 250 और सेक्टर-1 में 201 एक्यूआई दर्ज किया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर में निर्माण कार्यों के दौरान उड़ने वाली धूल और वाहनों तथा अन्य स्रोतों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण बढ़ा रहा है। लोगों का कहना है कि सड़कों के निर्माण और मरम्मत के दौरान धूल नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। निर्माण कार्यों पर रोक और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों का भी सख्ती से पालन नहीं हो रहा है।
गाजियाबाद में भी 300 के पार पहुंचा AQI
गाजियाबाद के कई इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ दर्ज किया गया। वेव सिटी में एक्यूआई 314 और संजय नगर में 306 रहा। वहीं, लोनी में 293, इंदिरापुरम में 275, वसुंधरा में 260 और वेद विहार-लोनी क्षेत्र में 212 एक्यूआई दर्ज किया गया।
एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से सुबह और शाम के समय बाहर निकलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खासकर खुले स्थानों पर व्यायाम करने वाले और लंबे समय तक सड़कों पर रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी की सलाह
वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार पहुंचना स्वास्थ्य के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है। प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से सांस लेने में परेशानी, खांसी, आंखों में जलन और गले में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या अन्य सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
ऐसे हालात में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना, खुले में व्यायाम न करना और जरूरत पड़ने पर अच्छी गुणवत्ता वाला मास्क पहनना उपयोगी हो सकता है। सांस लेने में परेशानी या अन्य गंभीर लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
आसमान साफ रहने का अनुमान, प्रदूषण से राहत की उम्मीद कम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 3 नवंबर से 8 नवंबर तक दिल्ली-एनसीआर में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। इस दौरान तापमान लगभग 28 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। मौसम में तेज हवाओं की संभावना कम होने के कारण प्रदूषक कणों के बिखराव में बाधा आ सकती है।
फिलहाल दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में बढ़ता प्रदूषण लोगों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। अब निगाहें प्रशासन की ओर से प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए जाने वाले कदमों और आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर टिकी हैं।

