नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में पिछले दिनों हुई बारिश और तेज हवाओं के कारण वायु प्रदूषण से मिली राहत अब धीरे-धीरे खत्म होने के आसार हैं। बारिश के बाद दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम सहित आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में काफी सुधार दर्ज किया गया था। कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर घटकर ग्रीन जोन तक पहुंच गया था, लेकिन अब मौसम के शुष्क होने के साथ एक बार फिर प्रदूषण बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
मौसम में बदलाव के बीच दिल्ली-एनसीआर का न्यूनतम तापमान भी लगातार नीचे जाने लगा है। सुबह और देर शाम हल्की ठंड महसूस होने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार, दो नवंबर से सात नवंबर तक क्षेत्र में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। इस दौरान बारिश के कोई आसार नहीं हैं। ऐसे में वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषक कणों का प्रभाव बढ़ सकता है। आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर की हवा फिर से खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका है।
बारिश थमते ही फिर बढ़ सकता है प्रदूषण
पिछले दिनों हुई बारिश ने दिल्ली-एनसीआर के वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषक कणों को कम करने में मदद की थी। तेज हवाओं के चलते भी प्रदूषण का स्तर नीचे आया था। इसका असर वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई पर देखने को मिला और कई स्थानों पर हवा की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।
हालांकि, अब मौसम शुष्क रहने और बारिश नहीं होने के कारण प्रदूषण के दोबारा बढ़ने की संभावना है। वातावरण में मौजूद धूल और दूसरे प्रदूषक तत्व धीरे-धीरे जमा हो सकते हैं। इससे दिल्ली के साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी वायु गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम में नमी, हवा की गति और तापमान जैसे कारक प्रदूषण के स्तर को प्रभावित करते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखना जरूरी होगा।
सात नवंबर तक साफ रहेगा मौसम, बारिश की संभावना नहीं
मौसम विभाग के दो से सात नवंबर तक के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में पूरे सप्ताह मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। आसमान में कहीं-कहीं आंशिक बादल दिखाई दे सकते हैं, लेकिन बारिश होने के आसार नहीं हैं।
बारिश नहीं होने और मौसम के शुष्क बने रहने से प्रदूषण का स्तर फिर बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने इस अवधि के दौरान किसी भी दिन के लिए विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की है। हालांकि, वायु प्रदूषण को लेकर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
न्यूनतम तापमान में गिरावट, सुबह-शाम बढ़ेगी ठंड
दिल्ली-एनसीआर में अब न्यूनतम तापमान में गिरावट का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के पहले सप्ताह में अधिकतम तापमान 28 से 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 16 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
दिन में धूप निकलने के कारण हल्की गर्माहट बनी रहेगी, लेकिन सुबह और रात के समय तापमान कम होने से ठंड का एहसास बढ़ेगा। मौसम में इस बदलाव के कारण लोगों को दिन और रात के तापमान में अंतर महसूस होगा।
दो से सात नवंबर तक ऐसा रहेगा तापमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दो नवंबर को अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। तीन नवंबर को अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
चार नवंबर को अधिकतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट के साथ यह 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इस दिन न्यूनतम तापमान 16 डिग्री रहेगा। पांच नवंबर को अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
छह और सात नवंबर को अधिकतम तापमान 29 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना जताई गई है। यानी पूरे सप्ताह दिन में हल्की गर्माहट और सुबह-शाम ठंड का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा।
आर्द्रता 60 से 85 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में दिल्ली-एनसीआर में आर्द्रता का स्तर 60 से 85 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना जताई गई है। आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा और बारिश की संभावना नहीं है। मौसम में नमी और तापमान में गिरावट के बीच सुबह तथा देर रात के समय ठंड का असर बढ़ सकता है।
शुष्क मौसम के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में लोगों को मौसम के साथ-साथ वायु गुणवत्ता की स्थिति पर भी ध्यान देना होगा।
बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने की आशंका को देखते हुए बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। हवा की गुणवत्ता खराब होने पर सुबह और शाम के समय लंबे समय तक खुले में रहने से बचना चाहिए।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली और गुरुग्राम में रहने वाले लोगों को नियमित रूप से एक्यूआई की स्थिति देखते रहने की सलाह दी जाती है। प्रदूषण बढ़ने पर अनावश्यक रूप से खुले में शारीरिक गतिविधियां करने से बचना चाहिए।
कुल मिलाकर दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद मिली साफ हवा की राहत ज्यादा दिनों तक कायम रहने की उम्मीद नहीं है। नवंबर के पहले सप्ताह में मौसम शुष्क रहने, न्यूनतम तापमान में गिरावट और बारिश नहीं होने के कारण प्रदूषण दोबारा बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में राजधानी और आसपास के शहरों के लोगों को प्रदूषण के साथ बढ़ती ठंड का भी सामना करना पड़ सकता है।

