नई दिल्ली। दिल्ली एनसीआर में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। आने वाले कई दिनों तक राजधानी और आसपास के इलाकों में आसमान में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम में बदलाव के चलते लोगों को उमस और गर्मी से बीच बीच में राहत मिल सकती है।
भारतीय मौसम विभाग के स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 20 से 23 अगस्त तक दिल्ली में बारिश के आसार बने हुए हैं। 24 अगस्त को भी आसमान मुख्य रूप से बादलों से घिरा रह सकता है, जबकि 25 अगस्त को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने इस अवधि के लिए फिलहाल कोई चेतावनी जारी नहीं की है।
अगले कई दिनों तक बादलों का डेरा
20 अगस्त को दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिनभर बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश हो सकती है। हवा में नमी का स्तर 60 से 80 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है।
21 अगस्त को तापमान में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है। अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इस दिन आसमान में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है।
22 और 23 अगस्त को भी बारिश के आसार
22 अगस्त को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक इस दिन भी बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
23 अगस्त को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। इस दिन भी बारिश और बूंदाबांदी का दौर जारी रहने की संभावना है। लगातार बादल और बारिश के कारण तापमान पर नियंत्रण बना रह सकता है।
24 और 25 अगस्त को मौसम में थोड़ा बदलाव
24 अगस्त को अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। हवा में नमी का स्तर 60 से 90 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है, जिससे उमस का असर महसूस हो सकता है।
25 अगस्त को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इस दिन आसमान आंशिक रूप से बादल से ढका रहने का अनुमान है। आर्द्रता 55 से 85 प्रतिशत के बीच रह सकती है।
बारिश से प्रदूषण पर भी असर
लगातार बादल और बारिश का असर दिल्ली एनसीआर की वायु गुणवत्ता पर भी दिखाई दे रहा है। बारिश के कारण वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषक कण नीचे बैठते हैं, जिससे कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।
हालांकि कुछ इलाकों में वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में भी दर्ज की गई है। दिल्ली के विभिन्न मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों में आनंद विहार और बवाना में एक्यूआई खराब श्रेणी में रहा।
दिल्ली के इन इलाकों में एक्यूआई की स्थिति
दिल्ली में अलीपुर का एक्यूआई 109, आनंद विहार 264, अशोक विहार 116, आया नगर 86, बवाना 249, बुराड़ी क्रॉसिंग 96, कैंटोनमेंट एरिया 86 और चांदनी चौक 125 दर्ज किया गया।
इन आंकड़ों के मुताबिक आनंद विहार और बवाना में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रही। वहीं आया नगर, बुराड़ी क्रॉसिंग और कैंटोनमेंट एरिया में वायु गुणवत्ता संतोषजनक श्रेणी में दर्ज की गई।
नोएडा में भी बारिश से राहत
नोएडा में भी बारिश और बादलों के कारण वायु गुणवत्ता फिलहाल नियंत्रण में बनी हुई है। शहर के चार सक्रिय मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों के मुताबिक सेक्टर 125 में एक्यूआई 115, सेक्टर 62 में 97, सेक्टर 1 में 108 और सेक्टर 116 में 126 दर्ज किया गया।
नोएडा के अधिकांश प्रमुख इलाकों में हवा की स्थिति ग्रीन और येलो जोन के आसपास बनी हुई है। बारिश के कारण धूल और प्रदूषण के स्तर में फिलहाल ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है, जिससे लोगों को राहत मिल रही है।
गाजियाबाद की हवा भी अपेक्षाकृत साफ
गाजियाबाद में भी वायु गुणवत्ता की स्थिति दिल्ली के मुकाबले काफी राहत देने वाली रही। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार गोविंदपुरम में एक्यूआई 69, इंदिरापुरम में 65, लोनी में 117, संजय नगर में 93, वसुंधरा में 116 और वेद विहार लोनी में 112 दर्ज किया गया।
गोविंदपुरम और इंदिरापुरम में हवा ग्रीन जोन में रही। वहीं लोनी, वसुंधरा और वेद विहार लोनी में एक्यूआई येलो जोन में दर्ज हुआ। बारिश और बादलों के कारण प्रदूषण के स्तर पर फिलहाल नियंत्रण बना हुआ है।
उमस और गर्मी से मिल सकती है राहत
दिल्ली एनसीआर के लोगों को अगले एक सप्ताह के दौरान गर्मी और उमस से बीच बीच में राहत मिलने की उम्मीद है। लगातार बादल छाए रहने और हल्की बारिश के कारण तापमान के सामान्य से बहुत ज्यादा ऊपर जाने की संभावना कम है।
हालांकि बारिश के बीच उमस का असर बना रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार स्थानीय स्तर पर बारिश की तीव्रता और समय में अंतर हो सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।



