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सीजेपी प्रदर्शन हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तेज, अब तक 10 एफआईआर दर्ज; 250 से ज्यादा वीडियो खंगाले जा रहे

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नई दिल्ली। संसद तक निकाले गए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के मार्च के दौरान हुई हिंसक झड़प के मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार अब तक इस मामले में कुल 10 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। ये मामले प्रदर्शन के दौरान हुई अलग-अलग घटनाओं, कानून-व्यवस्था भंग करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा सुरक्षाकर्मियों पर हमले जैसे आरोपों से जुड़े हैं। फिलहाल सभी मामलों की जांच जारी है।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए विभिन्न डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। इसके लिए 250 से अधिक वीडियो और फुटेज की जांच की जा रही है।

कई थानों में दर्ज हुई एफआईआर

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शन से संबंधित चार एफआईआर संसद मार्ग थाने में दर्ज की गई हैं। इसके अलावा तीन एफआईआर सीपी (कनॉट प्लेस) थाने में दर्ज हुई हैं। वहीं मंदिर मार्ग, बाराखंभा रोड और कर्तव्य पथ थानों में एक-एक एफआईआर दर्ज की गई है।

इनमें से एक मामला संसद सत्र के दौरान नई दिल्ली के हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने से संबंधित है। पुलिस इस मामले में भी नियमों के उल्लंघन की जांच कर रही है।

आरएएफ जवान पर हमले की भी जांच

दिल्ली पुलिस ने बताया कि रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के एक जवान पर कथित हमले के मामले में भी एफआईआर दर्ज की गई है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ लोग आरएएफ के जवान के साथ मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में आरएएफ के वाहन पर पथराव और तोड़फोड़ के दृश्य भी सामने आए हैं।

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पुलिस ने इन मामलों में फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जांच एजेंसियां वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी हैं।

250 से अधिक वीडियो की हो रही जांच

जांच के दौरान पुलिस मोबाइल फोन से बनाए गए वीडियो, सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग, ड्रोन फुटेज और पुलिसकर्मियों के बॉडी-वॉर्न कैमरों से प्राप्त वीडियो का विश्लेषण कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाला गया था मार्च

गौरतलब है कि सोमवार को पेपर लीक और परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए हजारों प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस के अनुसार संसद की ओर बढ़ने के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स हटाने का प्रयास किया, जिसके बाद सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई।

इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि कई प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आने की सूचना है।

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