हरिद्वार। हरिद्वार के रानीपुर कोतवाली क्षेत्र में ज्वेलर्स से हुई लूट की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से लूटा गया अधिकांश सामान बरामद किया है। बरामद सामान में चांदी के सिक्के, मूर्ति, पेंडल, एप्पल आईफोन, महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैग के साथ वारदात में इस्तेमाल की गई कैंची और स्प्लेंडर मोटरसाइकिल शामिल है।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने ज्वेलर्स की रेकी करने के बाद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों ने कैंची से बैग का पट्टा काटकर बैग लूट लिया था। विरोध करने पर पीड़ित के साथ छीना झपटी की गई और कैंची से हमला कर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
रेकी के बाद ज्वेलर्स को बनाया निशाना
पुलिस के अनुसार शिवलोक कॉलोनी फेज तीन निवासी प्रदीप कुमार शर्मा ने 21 अगस्त को रानीपुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि रात के समय तीन बदमाश स्प्लेंडर मोटरसाइकिल से उनका पीछा करते हुए शिवलोक कॉलोनी के पास पहुंचे और उनका बैग लूट लिया।
बैग में करीब 100 ग्राम चांदी के आभूषण, दुकान की चाबियां, एप्पल आईफोन, बीएचईएल मेडिकल कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे हुए थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
डिजिटल साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र से पुलिस को मिली सफलता
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर रानीपुर कोतवाली पुलिस की अलग अलग टीमों को जांच में लगाया गया। सीआईयू हरिद्वार की मदद से घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों के डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए।
पुलिस ने वारदात से जुड़े संदिग्धों की जानकारी जुटाने के साथ मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया। इसी दौरान पुलिस को संदिग्ध मोटरसाइकिल और आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना मिली।
बीएचईएल मटेरियल गेट के पास तीनों आरोपी दबोचे गए
मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने बीएचईएल के मटेरियल गेट के पास संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोक लिया। बाइक पर तीन युवक सवार थे। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ के बाद आरोपियों की पहचान रितिक उर्फ टोपो उम्र 22 वर्ष, सौरभ उम्र 19 वर्ष और राजीव सैनी उर्फ सागर उम्र 21 वर्ष के रूप में हुई।
कांवड़ मेले के दौरान ज्वेलर्स पर पड़ी थी नजर
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कांवड़ मेले के दौरान उन्होंने बैरागी कैंप में दुकान लगाई थी। दुकान का सामान लेने के लिए कनखल आने जाने के दौरान उनकी नजर ज्वेलर्स पर पड़ी।
आरोपियों के मुताबिक इसके बाद उन्होंने ज्वेलर्स की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी थी। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने 11 अगस्त को भी ज्वेलर्स का पीछा किया था, लेकिन उस दिन वे वारदात को अंजाम देने में सफल नहीं हो सके।
21 अगस्त को शिवलोक कॉलोनी में दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के अनुसार 21 अगस्त को तीनों आरोपी ज्वेलर्स का पीछा करते हुए शिवलोक कॉलोनी तक पहुंचे। मौका मिलते ही उन्होंने ज्वेलर्स का बैग छीनने की कोशिश की।
आरोपियों ने कैंची की मदद से बैग का पट्टा काट दिया और बैग लेकर फरार हो गए। पीड़ित ने जब इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ छीना झपटी की। पुलिस के मुताबिक इस दौरान आरोपियों ने कैंची से वार किया और जान से मारने की धमकी भी दी।
वारदात के बाद तीनों आरोपी लूटे गए सामान को राजा गार्डन, जगजीतपुर स्थित रितिक के कमरे में ले गए।
कमरे से बरामद हुआ लूटा गया सामान
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर रितिक के कमरे की तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस को लूटा गया सामान बरामद हो गया।
बरामद सामान में चांदी के सिक्के, मूर्ति, पेंडल, एप्पल आईफोन और महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई कैंची और स्प्लेंडर मोटरसाइकिल को भी कब्जे में ले लिया है।
पुलिस का कहना है कि बरामदगी के आधार पर मामले की विवेचना को आगे बढ़ाया गया है।
मुकदमे में बढ़ाई गईं बीएनएस की धाराएं
लूटे गए सामान की बरामदगी के बाद पुलिस ने मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2) की बढ़ोतरी की है। इसके अलावा आपराधिक षड्यंत्र के संबंध में धारा 3(5) बीएनएस भी जोड़ी गई है।
पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उनके संपर्कों तथा वारदात से संबंधित अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
रितिक के खिलाफ पहले से दर्ज हैं तीन मुकदमे
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी रितिक उर्फ टोपो के खिलाफ पहले से तीन मुकदमे दर्ज हैं। वहीं सौरभ और राजीव सैनी उर्फ सागर के खिलाफ भी वर्तमान मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए उनका चालान कर दिया है।
पुलिस की कार्रवाई से अधिकांश सामान बरामद
रानीपुर पुलिस की कार्रवाई से ज्वेलर्स से लूट की वारदात का खुलासा होने के साथ ही पीड़ित का अधिकांश सामान भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरी घटना की कड़ियां जोड़ने का दावा किया है।
पुलिस अब मामले में शामिल अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपियों ने इस तरह की किसी अन्य वारदात को अंजाम दिया है या नहीं।


