मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में स्थित सदर तहसील परिसर शनिवार को उस समय अखाड़े में तब्दील हो गया, जब जमीन के एक पुराने विवाद को लेकर एक आक्रोशित महिला ने मंधेड़ा गांव के पूर्व प्रधान पर सरेआम हमला बोल दिया। महिला ने आव देखा न ताव, पहले तो पूर्व प्रधान का गिरेबान पकड़कर उन्हें घसीटा और फिर उन पर चप्पलों की बौछार कर दी। व्यस्त तहसील परिसर के भीतर दिनदहाड़े हुई इस मारपीट से वहां मौजूद वकीलों, अधिकारियों और फरियादियों में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों तमाशबीनों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस पूरे वाक्ये का लाइव वीडियो वहां मौजूद कुछ लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

यह सनसनीखेज घटना रुड़की रोड पर स्थित सदर तहसील परिसर की है। घटना के बाद से ही प्रशासनिक गलियारों और इलाके में यह मामला बेहद चर्चा का विषय बना हुआ है।
“मेरे बिना पूछे जमीन क्यों खरीदी?” कहकर टूट पड़ी महिला
प्रत्यक्षदर्शियों और तहसील के वकीलों से मिली जानकारी के अनुसार, बुढ़ाना मोड़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मंधेड़ा के पूर्व प्रधान मित्तरसेन उर्फ मित्ता किसी राजस्व (जमीन) संबंधी कार्य से सदर तहसील परिसर में आए हुए थे। वे परिसर में खड़े ही थे कि तभी अचानक एक महिला वहां धमक पड़ी। महिला ने आते ही पूर्व प्रधान को रोक लिया और उनके बीच किसी जमीन के सौदे को लेकर बेहद तीखी बहस और कहासुनी शुरू हो गई।

चप्पलों से लेकर लात-घूंसों तक चली बात: विवाद कुछ ही मिनटों में इतना उग्र हो गया कि महिला ने अपना आपा खो दिया। उसने पूर्व प्रधान मित्तरसेन का गिरेबान पकड़ लिया और अपने पैर से चप्पल निकालकर उन्हें सरेआम पीटना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पूर्व प्रधान ने अपना बचाव करने और महिला के हाथ से चप्पल छीनने का भरपूर प्रयास किया, लेकिन गुस्से में लाल महिला इसके बाद भी नहीं रुकी। चप्पल छिन जाने पर उसने पूर्व प्रधान पर लात-घूंसों और थप्पड़ों की बरसात कर दी। माहौल बिगड़ता देख मौके पर मौजूद कुछ अधिवक्ताओं और अन्य लोगों ने बीच-बचाव करते हुए कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को एक-दूसरे से अलग कराया।

वीडियो में खुली विवाद की परतें: पिता और दामाद के बीच फंसा है पेंच
ट्विटर और व्हाट्सएप पर तैर रहे इस वायरल वीडियो में दोनों पक्षों के बीच चल रहे विवाद की असली वजह भी साफ सुनाई दे रही है। मारपीट के दौरान महिला चिल्ला-चिल्लाकर पूर्व प्रधान पर गंभीर आरोप लगा रही है।
महिला का पक्ष: महिला का कहना है कि पूर्व प्रधान ने उसकी जानकारी, हक और बिना सहमति के उसकी पारिवारिक जमीन की रजिस्ट्री करा ली है। इस कथित गलत खरीद-फरोख्त के कारण उसका पूरा परिवार बर्बाद होने की कगार पर है और उसका पति भारी मानसिक तनाव (डिप्रेशन) से गुजर रहा है। महिला वीडियो में कह रही है, “तूने मेरे बिना पूछे जमीन क्यों खरीदी? मेरे घर में आग लगा रखी है, आज फैसला होकर रहेगा।”
पूर्व प्रधान का पक्ष: दूसरी ओर, खुद का बचाव करते हुए पूर्व प्रधान मित्तरसेन वीडियो में यह दलील देते सुनाई दे रहे हैं कि उन्होंने कोई धोखाधड़ी नहीं की है। उन्होंने यह जमीन पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत महिला के सगे पिता से पैसे देकर खरीदी है। इसी बात पर महिला और ज्यादा भड़क गई कि उसके पिता उसकी सहमति के बिना जमीन कैसे बेच सकते हैं, और यह पूरी बहस खूनी संघर्ष में बदल गई।
पुलिस को तहरीर का इंतजार, वीडियो के आधार पर होगी कार्रवाई
तहसील जैसे अति-सुरक्षित और प्रशासनिक परिसर में सरेआम हुई इस गुंडागर्दी और मारपीट के बाद स्थानीय पुलिस भी अलर्ट मोड पर आ गई है। हालांकि, सिविल लाइंस और शहर कोतवाली पुलिस का कहना है कि अभी तक इस पूरे घटनाक्रम के संबंध में पूर्व प्रधान या महिला पक्ष की ओर से थाने में कोई लिखित शिकायत या तहरीर नहीं दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। कानून व्यवस्था के जानकारों का कहना है कि यदि कोई भी पक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराता है, तो पुलिस शासकीय परिसर में शांति भंग करने, मारपीट करने और अभद्रता करने की धाराओं के तहत उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों और वायरल वीडियो के आधार पर आगे की कड़ी वैधानिक कानूनी कार्रवाई अमल में लाएगी।


