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स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद गरमाया विवाद, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद बोले वंदे मातरम पहले भी नहीं गाया,आगे भी नहीं गाऊंगा

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इमरान मसूद की यह टिप्पणी उस समय सामने आई है जब 15 अगस्त के कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान सोनिया गांधी द्वारा वंदे मातरम का पूरा गायन नहीं करने को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने राष्ट्रीय गीत के पूरे गायन को रोकने की कोशिश की और इसे अपमान बताया।

इमरान मसूद ने कहा मेरा संवैधानिक अधिकार

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि वह पहले भी वंदे मातरम नहीं गाते थे और भविष्य में भी इसे नहीं गाएंगे। उन्होंने कहा कि गीत के दौरान वह खड़े रहेंगे, लेकिन गायन में शामिल नहीं होंगे।

मसूद ने अपने रुख को संवैधानिक अधिकार बताते हुए कहा कि उन्हें अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध कुछ गाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

भाजपा के हमलों पर भी साधा निशाना

सोनिया गांधी के वंदे मातरम के पूरे गायन में शामिल नहीं होने को लेकर भाजपा की ओर से किए जा रहे हमलों पर भी इमरान मसूद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि पार्टी को वंदे मातरम से इतना प्रेम है तो वह इसे गाए, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।

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कांग्रेस सांसद ने कहा कि उनकी ओर से उतना ही किया जाएगा, जितना वह करना चाहते हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर किसी तरह का दबाव बनाए जाने का विरोध किया।

क्या है पूरा विवाद

दरअसल, 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम के गायन को लेकर विवाद खड़ा हुआ। इस दौरान कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी पास खड़े कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य नेताओं से बातचीत करती हुई नजर आईं।

भाजपा ने इसी दृश्य को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला और आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम के पूरे गायन को रोकने की कोशिश की। भाजपा नेताओं की ओर से इसे राष्ट्रीय गीत के अपमान से जोड़कर भी सवाल उठाए गए।

कांग्रेस की ओर से इस मामले पर अलग-अलग नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। इसी बीच इमरान मसूद ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि वह वंदे मातरम नहीं गाएंगे।

इमरान मसूद बोले पहले पूरा इतिहास पढ़ें

केरल में वंदे मातरम के कथित तौर पर अधूरे गायन को लेकर भाजपा की ओर से लगाए गए आरोपों पर भी इमरान मसूद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बहस करने से पहले वंदे मातरम का पूरा इतिहास पढ़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह जानना जरूरी है कि वंदे मातरम कहां से आया, किस तरह लिखा गया और इसे लिखे जाने का उद्देश्य क्या था। मसूद ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को लेकर लोगों के बीच गलत नैरेटिव बनाया जा रहा है।

बोले किसी को मजबूर नहीं किया जा सकता

कांग्रेस सांसद ने कहा कि किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ कुछ करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने अपने बयान में धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों का हवाला देते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है।

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उनके इस बयान के बाद वंदे मातरम को लेकर चल रही राजनीतिक बहस और तेज होने के आसार हैं। भाजपा और कांग्रेस के बीच पहले से जारी इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में और राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल सकती है।

एनटीए के मुद्दे पर राहुल गांधी का किया समर्थन

इमरान मसूद ने वंदे मातरम विवाद के अलावा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी एनटीए को लेकर उठाए गए सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने राहुल गांधी के सवालों को जायज बताते हुए कहा कि एनटीए से जुड़े मुद्दों के कारण देश के नौजवान परेशान हैं। इससे पहले राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि एनटीए की गलतियों का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ता है।

इमरान मसूद ने कहा कि युवाओं से जुड़े इन सवालों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी की ओर से उठाए गए मुद्दों का समर्थन करते हुए इसे देश के नौजवानों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया।

 

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