Home » विविध इंडिया » भारत में 55 लाख से अधिक 5जी बेस स्टेशन, मोबाइल फोन बना सुशासन का साधन: पीएम मोदी

भारत में 55 लाख से अधिक 5जी बेस स्टेशन, मोबाइल फोन बना सुशासन का साधन: पीएम मोदी

Facebook
Twitter
WhatsApp

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 के 10वें संस्करण का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने भारत के दूरसंचार क्षेत्र में हुए बदलावों, 5जी नेटवर्क के विस्तार और 6जी की तैयारियों पर चर्चा करते हुए कहा कि देश में 5जी नेटवर्क को सपोर्ट करने वाले 5.5 लाख से अधिक बेस स्टेशन स्थापित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 की तुलना में मोबाइल इंटरनेट की स्पीड करीब 10 गुना बढ़ी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस पिछले कुछ वर्षों में भारत के दूरसंचार क्षेत्र में आए बदलावों की साक्षी रही है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2022 में इसी मंच से देश में 5जी सेवा की शुरुआत की गई थी। वर्ष 2023 में चर्चा का केंद्र 5जी रोलआउट से आगे बढ़कर इसकी पहुंच को ग्राहकों तक व्यापक स्तर पर ले जाना रहा।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत में आज 55 लाख से अधिक बेस स्टेशन 5जी नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश का दूरसंचार क्षेत्र अब केवल नेटवर्क, स्पेक्ट्रम और इंटरनेट की स्पीड तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव नागरिकों के जीवन और सरकारी सेवाओं तक पहुंच पर भी दिखाई दे रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मोबाइल कनेक्टिविटी नागरिकों को आवश्यक सरकारी सेवाओं से जोड़ने और सार्वजनिक सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन अब केवल बातचीत या इंटरनेट इस्तेमाल करने का माध्यम नहीं, बल्कि सुशासन का एक महत्वपूर्ण उपकरण बन गया है।

ALSO READ THIS :  करीब एक साल बाद माधुरी की कोल्हापुर वापसी का रास्ता साफ, वनतारा करेगा देखभाल में मदद; 24 घंटे निगरानी और हर 15 दिन में स्वास्थ्य जांच की शर्त

उन्होंने कहा कि करीब एक दशक पहले डिजिटल विभाजन एक बड़ी चुनौती था और नई तकनीक तक पहुंच सीमित वर्ग तक थी। सरकार ने डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के माध्यम से इस स्थिति को बदलने का प्रयास किया और मोबाइल फोन को डिजिटल पहुंच तथा सार्वजनिक सेवाओं के विस्तार का प्रमुख माध्यम बनाया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष इंडिया मोबाइल कांग्रेस का विषय ‘सीमाओं के बिना विस्तार’ है, जो दूरसंचार और डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार में भारत के अनुभव को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में 5जी की शुरुआत से लेकर वर्ष 2024 में अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ की मेजबानी तक भारत की दूरसंचार यात्रा में इंडिया मोबाइल कांग्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने कहा कि भारत की दूरसंचार कहानी को केवल नेटवर्क की गति और स्पेक्ट्रम के आंकड़ों से नहीं देखा जाना चाहिए। इसका व्यापक प्रभाव शासन व्यवस्था और नागरिकों तक सेवाओं की पहुंच में भी दिखाई देता है। मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी ने शिक्षा, डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं तक पहुंच को आसान बनाने में मदद की है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दीक्षा ऑनलाइन शिक्षा मंच पर अब तक करीब 500 करोड़ लर्निंग सेशन और 600 करोड़ लर्निंग मिनट दर्ज किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य इस मंच के माध्यम से 25 करोड़ छात्रों को जोड़ना है। उन्होंने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार देश में शिक्षा और सार्वजनिक सेवाओं की पहुंच को और व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

[wonderplugin_slider id=1]

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें