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जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से आई अचानक बाढ़ ने मचाई तबाही: 20 से ज्यादा मौत, कई लोग लापता; सेना और बचाव दल जुटे

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जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में बादल फटने के बाद आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। बाढ़ की चपेट में आने से 20 से अधिक लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। मलबे और तेज बहाव में फंसे लोगों की तलाश के लिए सेना, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य बचाव एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।

प्राकृतिक आपदा के बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। वहीं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

पुंछ के सुरनकोट में सबसे ज्यादा तबाही, कई लोग मलबे में दबे

रविवार तड़के पुंछ और राजौरी के ऊपरी इलाकों में कई स्थानों पर बादल फटने के बाद अचानक बाढ़ आ गई। पुंछ के सुरनकोट क्षेत्र में बाढ़ ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। यहां कई लोग पानी के तेज बहाव में बह गए या मलबे में दब गए।

प्रशासन और बचाव दलों ने अब तक कई शव बरामद किए हैं, जबकि कई लोगों की तलाश जारी है। आशंका जताई जा रही है कि कुछ लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।

सुरनकोट इलाके में दर्जनों घरों और अन्य इमारतों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ के कारण कई वाहन बह गए और बड़ी संख्या में गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। ग्रामीण इलाकों में मवेशियों के बहने की भी खबर है।

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राजौरी में भी बाढ़ ने मचाई भारी तबाही

राजौरी जिले में भी बादल फटने के बाद आई बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। थन्नामंडी नदी और आसपास के नालों में अचानक पानी बढ़ने से कई इलाकों में पानी भर गया। बेला कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में सबसे अधिक नुकसान हुआ है।

बाढ़ के तेज बहाव में कई वाहन बह गए, जबकि बस स्टैंड, दुकानों, मकानों और सार्वजनिक ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

राजौरी में एक महिला की मौत की भी पुष्टि हुई है, जबकि जल शक्ति विभाग का एक दिहाड़ी मजदूर लापता बताया जा रहा है। बचाव दल लगातार उसकी तलाश में जुटे हैं।

सेना, पुलिस और एसडीआरएफ का राहत अभियान जारी

प्रशासन ने सेना, पुलिस, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस और अन्य एजेंसियों की मदद से बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया है। नदी और नालों के आसपास फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार कई स्थानों पर बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है और विभागों को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों में भी भारी बारिश और अचानक बाढ़ की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने नदी-नालों और जलस्रोतों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

इस प्राकृतिक आपदा के बीच सेना, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय लोगों के प्रयासों से बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाई गई है। हालांकि कई परिवारों ने अपने घर, सामान और मवेशी खो दिए हैं, जिससे प्रभावित इलाकों में गम और चिंता का माहौल बना हुआ है।

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