वाराणसी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश की ग्राम सभाएं मजबूत और आत्मनिर्भर बनेंगी। उन्होंने ग्राम प्रधानों से गांवों के समग्र विकास का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि मजबूत गांव ही विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश की नींव हैं।
वाराणसी के सिगरा स्थित रुद्राक्ष सेंटर में आयोजित वीबी-जीरामजी पंच सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने देशभर से आए ग्राम सभा प्रतिनिधियों से कहा कि गांवों को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लक्ष्य तय कर उसी दिशा में कार्य करना होगा।
गरीबों के उत्थान को बताया सरकार की प्राथमिकता
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकसित भारत का लक्ष्य तय किया है और अब तक 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला जा चुका है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को भी झोपड़ी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है और इस दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने अपने जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि वह एक गरीब परिवार से निकलकर राजनीति में आए हैं और गरीबों की समस्याओं को करीब से समझते हैं। उन्होंने कहा कि पहले गरीबों के लिए इलाज कराना बेहद कठिन होता था, लेकिन आयुष्मान भारत योजना ने लाखों परिवारों को बड़ी राहत दी है।
ग्राम प्रधानों से विकास का संकल्प लेने की अपील
उपमुख्यमंत्री ने ग्राम प्रधानों से कहा कि वे अपने गांवों में इतना बेहतर कार्य करें कि भविष्य में जनता स्वयं उनके सुझाए व्यक्ति को ग्राम प्रधान बनाने का निर्णय ले। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी जोर देते हुए कहा कि ग्राम सभा स्तर पर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए। उनके अनुसार महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी तो गांव और देश दोनों अधिक मजबूत होंगे।
डबल इंजन सरकार के पास विकास के लिए संसाधनों की कमी नहीं
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वीबी-जीरामजी परियोजना के माध्यम से गांव-गांव तक विकास का वातावरण तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार के पास विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम करने की है।
उन्होंने ग्राम प्रधानों से आह्वान किया कि वे अपने गांवों को इतना सक्षम और विकसित बनाएं कि विकसित भारत की शुरुआत गांवों से होती दिखाई दे। साथ ही उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत को विकास की दौड़ में आगे ले जाने का संकल्प लेकर कार्य करना होगा।



