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मुज़फ़्फ़रनगर कांवड़ बवाल: अब मंत्रियों और विधायकों की एंट्री, दोषियों पर कड़े एक्शन की मांग!

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मुज़फ़्फ़रनगर। कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिसकर्मियों और पत्रकारों के साथ हुई अभद्रता का मामला अब राजनीतिक गलियारों में भी गूंजने लगा है। हिंदूवादी संगठन और राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल के बाद मंगलवार रात उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार और चरथावल से समाजवादी पार्टी विधायक पंकज मलिक ने अलग-अलग बयान जारी कर घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई की मांग की है। दोनों नेताओं ने साफ कहा कि कुछ उपद्रवी तत्वों की वजह से करोड़ों शिवभक्तों की आस्था और कांवड़ यात्रा की गरिमा पर आंच नहीं आने दी जानी चाहिए।

कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने SSP को पत्र भेजकर कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों के बीच कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने इस बात पर भी गंभीर चिंता जताई कि अपने दायित्व का निर्वहन कर रहे पत्रकारों के साथ भी मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया, जिसमें कई पत्रकार घायल हुए।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस और मीडिया दोनों ही कानून-व्यवस्था और जनहित के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इनके साथ हिंसा और अभद्रता कानून के शासन पर सीधा हमला है। मंत्री ने पुलिस से निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी विवेचना कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

साथ ही उन्होंने कांवड़ यात्रियों से अपील करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था, अनुशासन और सेवा का प्रतीक है। सभी श्रद्धालु प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और यात्रा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित बनाने में सहयोग करें।

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उधर, समाजवादी पार्टी विधायक पंकज मलिक ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा को बदनाम करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले हुई घटना में पुलिस और पत्रकारों के साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।

पंकज मलिक ने कहा कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल होते हैं, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व पूरे आयोजन की छवि खराब करने का प्रयास करते हैं। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और यात्रा का शांतिपूर्ण संचालन प्रशासन, पुलिस और समाज की साझा जिम्मेदारी है। किसी भी कीमत पर ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए, जो धार्मिक यात्रा की आड़ में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हैं।

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