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लखीसराय भगदड़ पर नेताओं ने जताया गहरा शोक, गिरिराज बोले अफवाहों से बचें

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लखीसराय। बिहार के लखीसराय जिले के प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को हुई भगदड़ ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। मंदिर में अचानक बढ़ी भीड़ के बीच मची भगदड़ में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। दर्दनाक हादसे के बाद राजनीतिक दलों के नेताओं ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

नेताओं ने लोगों से अपील की है कि हादसे के बीच किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें। वहीं, बिहार सरकार की ओर से घटना के कारणों की जांच कराए जाने और किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।

गिरिराज सिंह ने अफवाहों से बचने की अपील की

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने लखीसराय हादसे पर दुख जताते हुए घटना में घायल और प्रभावित सभी लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस तरह की गंभीर घटना के दौरान अफवाहें न फैलाएं।

उन्होंने कहा कि ऐसी दुर्घटनाओं के दौरान अफवाहों से स्थिति और बिगड़ सकती है। ऐसे में लोगों को संयम बरतने और प्रशासन की ओर से दी जा रही आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की जरूरत है।

ललन सिंह बोले अफवाह के बाद बढ़ा भीड़ का दबाव

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने घटना पर शोक जताते हुए कहा कि सावन के तीसरे सोमवार को अशोकधाम में अचानक श्रद्धालुओं की भीड़ बहुत बढ़ गई थी।

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उन्होंने बताया कि इसी दौरान यह अफवाह फैल गई कि बिजली का तार या खंभा गिर गया है और उसमें करंट दौड़ रहा है। इसके बाद लोगों में घबराहट फैल गई और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई।

ललन सिंह ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।

सरकार करेगी हादसे के कारणों की जांच

बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सरकार इस घटना के कारणों की जांच करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान यदि किसी तरह की लापरवाही या कमी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सरकार की ओर से हादसे के प्रत्येक पहलू की जांच किए जाने की बात कही गई है, ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें।

रामकृपाल यादव ने बताया बेहद पीड़ादायक हादसा

बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने घटना को बेहद दुखद और पीड़ादायक बताया। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति और उनके परिवारों को इस कठिन समय में हिम्मत मिलने की प्रार्थना की।

उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है और सरकार इसकी जांच करेगी। हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर राहत और बचाव कार्य भी जारी रखा गया।

संजय सरावगी बोले दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने हादसे को बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना बताया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने तत्काल उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

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उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि घायलों को जल्द से जल्द बेहतर उपचार मिले। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

संजय सरावगी ने कहा कि बिहार सरकार और जिला प्रशासन पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं।

श्रवण कुमार ने श्रद्धालुओं से संयम बरतने की अपील की

बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने भी घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और ईश्वर से प्रार्थना है कि जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिवारों को इस मुश्किल समय में हिम्मत मिले।

उन्होंने सभी धर्मों और आस्था से जुड़े लोगों से संयम बरतने की अपील की। उनके मुताबिक श्रद्धालुओं में जल्दबाजी और घबराहट की स्थिति नहीं बननी चाहिए। उन्होंने लोगों से कतार में रहने, नियमों का पालन करने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों पर ध्यान देने की अपील की।

नीरज कुमार ने भी जताया दुख

जदयू नेता नीरज कुमार ने कहा कि लखीसराय स्थित अशोकधाम एक ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल है। सावन के तीसरे सोमवार को श्रद्धालु भगवान महादेव की पूजा करने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया और भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई।

उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद और दर्दनाक बताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

हादसे के बाद उठे भीड़ प्रबंधन पर सवाल

अशोकधाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण भीड़ का दबाव बढ़ गया था। भगदड़ के बाद मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई।

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घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश और निकास मार्ग तथा अफवाहों से निपटने की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि हादसे की वास्तविक वजह क्या थी और भीड़ को नियंत्रित करने में कहीं कोई चूक हुई या नहीं।

सात परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

अशोकधाम मंदिर में हुई भगदड़ ने सात परिवारों को गहरे सदमे में पहुंचा दिया है। सावन के पवित्र सोमवार को भगवान महादेव के दर्शन और पूजा के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए यह दिन मातम में बदल गया।

प्रशासन और सरकार की ओर से घायलों के इलाज तथा घटना की जांच पर जोर दिया जा रहा है। नेताओं ने भी लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है।

 

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