मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में जातिगत जनगणना के मुद्दे को लेकर भारतीय पिछड़ा वर्ग अधिकार संगठन ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम रतन विश्वकर्मा के नेतृत्व में पदाधिकारी और कार्यकर्ता दोपहर करीब 12 बजे DM कार्यालय पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें जातिगत जनगणना के फॉर्मेट में ओबीसी वर्ग के लिए अलग और स्पष्ट प्रावधान करने की मांग की गई।

संगठन का कहना है कि सरकार की ओर से जारी जनगणना फॉर्मेट में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए प्रावधान किया गया है, लेकिन ओबीसी वर्ग की जातियों के लिए अलग से स्पष्ट फॉर्मेट उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसी को लेकर संगठन ने आपत्ति जताई है।
राम रतन विश्वकर्मा ने कहा कि देश में ओबीसी वर्ग की बड़ी आबादी है। उनका कहना है कि जातिगत आंकड़ों के बिना ओबीसी समाज की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का सही आकलन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि ओबीसी समाज के आंकड़े अलग-अलग जातियों में बंटकर सामने आए और पूरे ओबीसी वर्ग की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, तो इससे उसके अधिकारों और प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं।
संगठन ने मांग की कि जातिगत जनगणना में ओबीसी के लिए स्पष्ट और अलग फॉर्मेट जारी किया जाए, जिससे समाज की संख्या और सामाजिक स्थिति का सही आंकड़ा सामने आ सके। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि जब तक ओबीसी के लिए स्पष्ट फॉर्मेट जारी नहीं होता, तब तक जातिगत जनगणना की प्रक्रिया आगे न बढ़ाई जाए।
संगठन ने मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं होने की स्थिति में देशभर में आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी दी है।

