मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर के चरथावल क्षेत्र में तेंदुए की दहशत के बीच ग्रामीण खुद ही जंगल में उसकी तलाश के लिए उतर गए। रोहणी हरजीपुर गांव के ग्रामीण गुरुवार सुबह करीब 10 बजे से दोपहर करीब 12 बजे तक हाथों में लाठी-डंडे लेकर जंगलों में कॉम्बिंग करते नजर आए। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब एक साल से गांव और जंगल के आसपास तेंदुए की दहशत बनी हुई है, जिसके चलते किसान खेतों में जाने से भी डर रहे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, तेंदुए की लगातार मौजूदगी की आशंका के बावजूद वन विभाग की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। इसी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। बुधवार को धीरसिंह पुंडीर संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंकुर राणा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जंगल में पहुंचकर तेंदुए की तलाश शुरू की।
हाथों में लाठी-डंडे लेकर ग्रामीण जंगल में अलग-अलग हिस्सों में तलाश करते रहे। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अपनी और खेतों में काम करने वाले किसानों की सुरक्षा को लेकर चिंता है। उनका आरोप है कि वन विभाग की लापरवाही के कारण तेंदुए की दहशत खत्म नहीं हो पा रही है।
ग्रामीणों ने जिला वन अधिकारी यानी DFO को चेतावनी दी है कि यदि तेंदुए के हमले में किसी किसान या ग्रामीण के साथ कोई अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी वन विभाग की होगी। ग्रामीणों ने तेंदुए को पकड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल ग्रामीणों की जंगल में कॉम्बिंग के बाद क्षेत्र में तेंदुए को लेकर हलचल बढ़ गई है। ग्रामीण चाहते हैं कि वन विभाग मौके पर सक्रिय होकर तेंदुए की तलाश करे और लोगों को सुरक्षा मुहैया कराए।

