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मुज़फ़्फ़रनगर में पुलिस की ‘चूक’ के बाद 14 सस्पेंड! विवादित होर्डिंग और हाउस अरेस्ट सपा नेताओं के सहारनपुर पहुंचने पर गिरी गाज, 4 थाना प्रभारी भी बदले

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मुज़फ़्फ़रनगर। 2013 दंगों की बरसी पर शहर में विवादित होर्डिंग लगने और सहारनपुर जाने से रोकने के लिए हाउस अरेस्ट किए गए सपा सांसद हरेंद्र मलिक तथा सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी के पुलिस को चकमा देकर सहारनपुर पहुंच जाने के घटनाक्रम के बाद पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई हुई है। SSP संजय कुमार वर्मा ने 7 सितंबर की रात करीब 10 बजे गश्त, पिकेट और विशेष कानून-व्यवस्था ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में 5 दरोगा समेत कुल 14 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।

विभाग की ओर से जारी सूचना के मुताबिक 5 सब-इंस्पेक्टर और 8 आरक्षी समेत कुल 14 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है।

निलंबित किए गए सब-इंस्पेक्टरों में शहर कोतवाली के नितिन कुमार और यशपाल सिंह, सिविल लाइन थाने के मुकुल कुशवाह और पंकज कुमार तथा LIU से राजकुमार शामिल हैं। सूची में कोतवाली नगर और सिविल लाइन थाने के कई आरक्षियों के नाम भी शामिल हैं।

निलंबित आरक्षी:
नदीम — थाना कोतवाली नगर
हर्षित — थाना सिविल लाइन
मोनू — थाना सिविल लाइन
महेन्द्र प्रताप — थाना सिविल लाइन
विवेक — थाना सिविल लाइन
विशाल प्रताप — थाना सिविल लाइन
निशान्त — थाना कोतवाली नगर
दीपक गौतम — थाना कोतवाली नगर
दिनेश — थाना कोतवाली नगर

SSP के आदेश में निलंबन का स्पष्ट विस्तृत घटनावार कारण नहीं बताया गया है। हालांकि, विभागीय कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब पिछले दिनों कानून-व्यवस्था और पुलिस निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े हुए।

रविवार रात 2013 दंगों की बरसी के मौके पर रोडवेज के पास विवादित होर्डिंग लगाए गए थे। खास बात यह है कि इसी क्षेत्र में SSP का आवास भी है। होर्डिंग में 2013 के दंगों की याद दिलाने वाला संदेश लिखा गया था और इसे लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।

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इसी दौरान सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी को सहारनपुर जाने से रोकने के लिए उनके सिविल लाइन क्षेत्र स्थित आवास पर पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस की निगरानी के बावजूद जिया चौधरी वहां से निकलकर सहारनपुर पहुंच गए। उनके सहारनपुर पहुंचने के बाद पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे।

दूसरी ओर, शहर कोतवाली क्षेत्र के प्रेमपुरी स्थित आवास पर सपा सांसद हरेंद्र मलिक को भी पुलिस की निगरानी में रखा गया था। हरेंद्र मलिक के अनुसार वह रात में आवास के पिछले गेट से निकलकर सहारनपुर पहुंच गए, जबकि पुलिस सुबह तक उनके मुख्य गेट पर तैनात रही।

इन दोनों घटनाक्रमों में पुलिस को भनक तक नहीं लगने की बात सामने आने के बाद निगरानी और ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठे। अब SSP की ओर से रात की गश्त, पिकेट और विशेष कानून-व्यवस्था ड्यूटी में लापरवाही के आधार पर की गई निलंबन की कार्रवाई को इन घटनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि, निलंबन आदेश में इन तीनों घटनाओं को अलग-अलग कारण के रूप में स्पष्ट नहीं किया गया है।

4 थाना प्रभारी भी बदलें

इसी बीच एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने देर रात चार थानों के प्रभारी निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में भी फेरबदल किया। दीपक चौधरी को ककरौली थाने का थानाध्यक्ष, ककरौली के थानाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह को सिखेड़ा, सिखेड़ा के SHO विजय सिंह को खालापार और खालापार के SHO बबलू कुमार को फुगाना थाने का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है।

 


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