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मुजफ्फरनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 50 किलो गांजे के साथ चार तस्कर गिरफ्तार, गाजियाबाद के दो सरगनाओं का खुलासा

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मुजफ्फरनगर। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुजफ्फरनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना सिविल लाइन पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ से गांजे की खेप लेकर गाजियाबाद जा रहे चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में तीन पुरुष और एक महिला शामिल हैं।

पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 50 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग चार लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही आई-10 कार भी पुलिस ने जब्त कर ली है। पूछताछ में आरोपियों ने गांजा तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए गाजियाबाद के दो कथित सरगनाओं के नाम बताए हैं।

बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन के पास चेकिंग के दौरान पकड़ी गई कार

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 12 जुलाई 2026 को थाना सिविल लाइन पुलिस और एसओजी टीम बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी।

इसी दौरान पुलिस टीम ने दिल्ली नंबर की एक ग्रे रंग की आई-10 कार को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार के अंदर से 50 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से कार में सवार तीन पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार कर लिया।

मध्य प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं आरोपी

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मध्य प्रदेश के रीवा निवासी मिथलेश, बिहार के शिवान निवासी रोहित उर्फ मुन्ना, बिहार के छपरा निवासी संदीप और छत्तीसगढ़ के रायगढ़ निवासी ममता यादव (बदला हुआ नाम) के रूप में हुई है।

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सभी आरोपियों के खिलाफ थाना सिविल लाइन में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

पूछताछ में सामने आए गाजियाबाद के दो कथित सरगना

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बरामद गांजा गाजियाबाद के झंडापुर निवासी वीरेश कुमार महतो उर्फ राजा और लोनी निवासी महेश यादव उर्फ डीपी यादव का है। आरोपियों के अनुसार दोनों मिलकर गांजा तस्करी का नेटवर्क संचालित करते हैं।

पूछताछ में सामने आया कि महेश यादव मध्य प्रदेश के शहडोल क्षेत्र से गांजा खरीदकर कार में रखवाता था और तस्करों को गाजियाबाद तक पहुंचाने की जिम्मेदारी देता था। इस काम के बदले प्रत्येक पुरुष आरोपी को एक चक्कर के 10 हजार रुपये दिए जाते थे।

वहीं महिला आरोपी ममता यादव ने बताया कि उसे कार में इसलिए साथ रखा जाता था ताकि वाहन में महिला होने के कारण पुलिस को कम शक हो। इसके बदले उसे प्रत्येक चक्कर के छह हजार रुपये मिलते थे।

तस्करी में इस्तेमाल कार भी सरगना की बताई गई

जांच में पुलिस को पता चला कि गांजा तस्करी के लिए इस्तेमाल की गई आई-10 कार भी कथित सरगना वीरेश कुमार महतो उर्फ राजा की है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों, गांजे की सप्लाई चेन और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मिथलेश, रोहित और संदीप के खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस इनके पुराने आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है।

मुजफ्फरनगर पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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