मुज़फ़्फ़रनगर के बधाई खुर्द गांव से एक बार फिर सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक महिला, जो पहले परिवार से जुड़े बहुचर्चित सामूहिक हत्याकांड में गवाह रह चुकी है, अब खुद अपनी जान को खतरा बता रही है। महिला ने अपने ही परिवार के सदस्य पर संपत्ति हड़पने की कोशिश, धमकी देने और दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। इस शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
यह मामला पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर की शहर कोतवाली क्षेत्र के बधाई खुर्द गांव से जुड़ा है, जहां एक परिवार के भीतर संपत्ति को लेकर विवाद सामने आया है। शिकायतकर्ता रीतू सिंह ने पुलिस कार्यालय पहुंचकर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

कौन है शिकायतकर्ता और क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता रीतू सिंह, मुज़फ़्फ़रनगर के बधाई खुर्द गांव की निवासी हैं और चर्चित उदयवीर परिवार की बहू बताई जा रही हैं।
उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि परिवार के ही सदस्य एवं आजाद समाज पार्टी के नेता रंजनवीर सिंह उनकी संपत्ति पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं और विरोध करने पर उन्हें व उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है।
2010-11 के घटनाक्रम का जिक्र!
रीतू सिंह ने अपनी शिकायत में पुराने घटनाक्रम का भी हवाला दिया है। उनके अनुसार, वर्ष 2010 में उनके जेठ अमरवीर सिंह की हत्या हुई थी। इसके बाद उनकी पत्नी सोनिया स्थानीय राजनीति में सक्रिय हुईं और ब्लॉक प्रमुख बनी।
रीतू का दावा है कि वर्ष 2011 में परिवार के 8 लोगों की हत्या कर दी गई थी, जिसमें वह गवाह थीं और उन्होंने अदालत में आरोपियों के खिलाफ़ बयान दिया था।
आपको बता दें कि ये वो ही सामूहिक उदयवीर चेयरमैन एवं उसके परिजनों को ट्रक से कुचलने का मामला है, जिसकी पूरी पटकथा जेल में बंद माफिया सरगना विक्की त्यागी ने सलाखों के अंदर लिखी थी।

संपत्ति विवाद कैसे बना टकराव की वजह?
रीतू सिंह के अनुसार, अमरवीर सिंह की हत्या के बाद परिवार में संपत्ति का बंटवारा हुआ था। उनका आरोप है कि रंजनवीर सिंह ने बाद में अपनी भाभी से शादी कर ली थी और उन्हें उनके हिस्से की संपत्ति मिल चुकी थी।
इसके बावजूद, रीतू का कहना है कि अब रंजनवीर सिंह फिर से आधी संपत्ति पर दावा कर रहे हैं और दबाव बनाकर कब्जा करना चाहते हैं।

“जबर्दस्ती निर्माण और धमकी” के आरोप
शिकायत में कहा गया है कि रंजनवीर द्वारा गांव की उस संपत्ति पर निर्माण कार्य शुरू किया गया, जिसका अभी बंटवारा भी नहीं हुआ है। उसमें तीन हिस्से है, लेकिन वो पूरा हड़पना चाहता है। रीतू सिंह ने सास के साथ मौके पर पहुंचकर शनिवार को उसका विरोध किया।
उनके मुताबिक, मौके पर डायल 112 के जरिए पुलिस को बुलाया गया, जिसके बाद निर्माण कार्य रुकवाया गया और दोनों पक्षों को थाने भेजा गया।
रीतू का आरोप है कि कोतवाली के गेट के बाहर लौटते समय उन्हें खुलेआम धमकी दी गई, जिससे उनका परिवार दहशत में है।
“छिपकर रहने को मजबूर” ?
रीतू सिंह ने यह भी दावा किया है कि वह अपने सास–ससुर, पति और बच्चों समेत पिछले काफ़ी समय से डर के कारण मुज़फ़्फ़रनगर से ज़िले से बाहर रह रही हैं। उन्हें आशंका है कि उनके खिलाफ झूठे मुकदमे भी दर्ज कराए जा सकते हैं।
उन्होंने पुलिस से सुरक्षा देने और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस क्या कर रही है?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है। फ़िलहाल निर्माण कार्य बंद करा दिया गया है, ताकि ‘लॉ–एन–ऑर्डर’ की दिक्कत ना आए। पुलिस का ये भी कहना है कि जमीन से जुड़े दस्तावेज, पुराने विवाद और लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्यों चर्चा में है मामला?
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें एक ही परिवार के भीतर पुराना आपराधिक इतिहास, संपत्ति विवाद और मौजूदा आरोप… तीनों जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी भी आरोप की पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है।
इस संबंध में ‘दा एक्स इंडिया’ द्वारा आरोपित रंजनवीर से आरोपों के संबंध में बात करने के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई, ताकि उनका पक्ष भी रखा जा सके, लेकिन उनसे संपर्क नहीं सका।


