भोपा में पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़े गए मोंटी त्यागी ने खोले राज; बेहड़ा अस्सा निवासी विकसित उर्फ रॉकी हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासे
मुज़फ़्फ़रनगर के सिखेड़ा थाना क्षेत्र के बेहड़ा अस्सा गांव से 18 मई से लापता विकसित उर्फ रॉकी की गुमशुदगी का मामला अब एक ऐसी खौफनाक हत्या की कहानी में बदल चुका है, जिसने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। करीब दो सप्ताह से रहस्य बने इस मामले में सोमवार को ऐसा खुलासा हुआ, जिसने पुलिस अधिकारियों से लेकर ग्रामीणों तक को सन्न कर दिया।

भोपा थाना क्षेत्र के कादीपुर गांव के जंगल में पुलिस और एक आरोपी के बीच हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए गए मोंटी त्यागी ने पूछताछ में जो कहानी बताई, वह किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं है। पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ में घायल हुए मोंटी त्यागी निवासी मलपुरा ने स्वीकार किया है कि विकसित उर्फ रॉकी की हत्या 18 मई की रात बागपत जिले के बड़ौत में की गई थी।
पत्नी रेणु अपने साथ ले गई थी रॉकी
पुलिस जांच के अनुसार 18 मई को रॉकी की पत्नी रेणु उसे अपनी स्कॉर्पियो में बैठाकर घर से ले गई थी। परिवार को बताया गया था कि वह उसे ऋषिकेश लेकर जा रही है। उसी रात रॉकी की अपनी मां से आखिरी बार बातचीत हुई थी। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया और वह रहस्यमय ढंग से गायब हो गया।
शुरुआत में रेणु लगातार परिजनों को अलग-अलग बातें बताकर गुमराह करती रही। लेकिन जब सवाल बढ़ने लगे तो वह अपने बेटे बादल और पुत्रवधू निशा के साथ फरार हो गई। तभी से परिजन हत्या की आशंका जता रहे थे।

मुठभेड़ के बाद खुला हत्या का राज
सोमवार देर शाम भोपा पुलिस, नई मंडी और सिखेड़ा थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कादीपुर के जंगल में मुठभेड़ के दौरान मोंटी त्यागी को गिरफ्तार किया। दोनों पैरों में गोली लगने के बाद घायल हुए आरोपी ने पूछताछ में कथित तौर पर बताया कि रॉकी की हत्या बड़ौत स्थित रेणु के आवास पर की गई थी।
उसने दावा किया कि हत्या के दौरान बादल ने रॉकी को गोली मारी थी। गोली लगने के बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद बादल और मोंटी ने शव को कार में डाला और रातों-रात मुज़फ़्फ़रनगर ले आए।

हत्या के बाद रची गई खौफनाक साजिश
पूछताछ में सामने आया कि शव को ठिकाने लगाने के लिए पहले से पूरी योजना बनाई गई थी। आरोपी के अनुसार कादीपुर गांव के जंगल में पहुंचने के बाद शव को ठिकाने लगाने में एक स्थानीय व्यक्ति ने भी मदद की।
इसके बाद शव का सिर धड़ से अलग किया गया। धड़ को खेत में गहरा गड्ढा खोदकर दफनाया गया। आरोपी ने यह भी बताया कि शव जल्दी गल जाए और पहचान न हो सके, इसके लिए उस पर भारी मात्रा में नमक डाला गया।
सिर को अलग कर वाहन से ले जाकर नहर में फेंक दिया गया ताकि शव की पहचान हमेशा के लिए खत्म हो जाए।
जेसीबी से खुदाई, खेत से निकला धड़
मोंटी की निशानदेही पर पुलिस ने कादीपुर गांव के जंगल में जेसीबी मशीन मंगाकर खुदाई कराई। काफी देर तक चली खुदाई के बाद जमीन में दबा मानव धड़ बरामद हुआ।
धड़ मिलने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से भारी भीड़ मौके पर पहुंच गई। पुलिस को स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।
सूत्रों के अनुसार बरामद शव नग्न अवस्था में मिला है, जिससे यह आशंका और गहरा गई है कि हत्या के बाद पहचान मिटाने की हरसंभव कोशिश की गई।

अब भी गायब है सिर
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती शव का सिर बरामद करना है। इसके लिए नहरों, जंगलों और आसपास के क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। कई टीमें लगातार तलाश में जुटी हुई हैं।
कमरे को फिनाइल से धोकर मिटाए गए सबूत
आरोपी ने पुलिस को यह भी बताया कि जिस कमरे में हत्या की गई थी, उसे बाद में फिनाइल और अन्य सफाई सामग्री से धोया गया। मकसद था खून के निशान और अन्य सबूत पूरी तरह मिटा देना।
मौके पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
जैसे ही धड़ बरामद होने की सूचना बेहड़ा अस्सा गांव पहुंची, बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और परिवार के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। मौके पर भारी हंगामा हुआ।
गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ फांसी की मांग की। कई ग्रामीणों ने कहा कि जिस बेरहमी से रॉकी की हत्या कर उसके शरीर के टुकड़े किए गए, वह मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है। कातिलों को भी ठीक वैसी ही सज़ा देनी चाहिए।

पत्नी रेणु समेत कई आरोपी अब भी फरार
इस पूरे मामले में रॉकी की पत्नी रेणु, उसका बेटा बादल, बादल की पत्नी निशा और शव को ठिकाने लगाने में मदद करने वाले अन्य आरोपी अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।
पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। CO राजु कुमार साव का दावा है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
करीब 13 दिन पहले शुरू हुई “रॉकी मिस्ट्री” अब एक ऐसे हत्याकांड में बदल चुकी है, जिसने पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। अब सभी की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी है।



