मुज़फ़्फ़रनगर। मुज़फ़्फ़रनगर के मेरठ रोड स्थित संतोष हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद परिजनों ने खूब हंगामा किया। जड़ौदा निवासी साबिर की सीटी स्कैन कराने के बाद अस्पताल लौटते समय एंबुलेंस में मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही और व्यवस्थाओं में कमी के आरोप लगाए। वहीं, अस्पताल के चिकित्सक डॉ. आदित्य सिंह का कहना है कि मरीज को भर्ती कराए जाने के समय ही उसकी हालत बेहद गंभीर थी।
डॉ. आदित्य सिंह के मुताबिक, साबिर को बीती रात करीब 12 से 1 बजे के बीच अस्पताल लाया गया था। मरीज को बुखार के साथ आंतों में रुकावट की शिकायत थी। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों की टीम ने जांच की और परिजनों को मरीज की गंभीर मेडिकल स्थिति के बारे में जानकारी दी।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, एक्स-रे और अन्य जांचों में मरीज की किडनी और लीवर से संबंधित समस्याएं सामने आई थीं। साथ ही मरीज सीवियर एसिडोसिस की स्थिति में था। सुबह परिजनों ने मरीज की हालत के बारे में जानकारी मांगी तो चिकित्सकों ने सीटी स्कैन और अन्य जांचों की रिपोर्ट आने के बाद आगे के उपचार पर निर्णय लेने की बात कही। परिजनों की सहमति से मरीज को सीटी स्कैन के लिए भेजा गया।
अस्पताल के मुताबिक, सीटी स्कैन के बाद वापस लौटते समय एंबुलेंस में मरीज को अचानक कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे उसकी मौत हो गई। मरीज की मौत की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया।
मृतक के पोते मोहम्मद मोइन ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना था कि उन्होंने रात करीब 12 बजे अपने दादा को अस्पताल में भर्ती कराया था। अल्ट्रासाउंड कराने के बाद डॉक्टर केवल एक बार मरीज को देखकर चले गए। उन्होंने अस्पताल की ओर से महंगी दवाइयां लिखे जाने की बात भी कही।
डॉ. आदित्य सिंह ने आरोपों पर कहा कि मरीज का उपचार अनुभवी चिकित्सकों की टीम कर रही थी। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए आवश्यक जांच और उपचार की प्रक्रिया अपनाई गई। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज की मेडिकल स्थिति और उपचार संबंधी परिस्थितियों के बारे में परिजनों को विस्तार से बताया गया था।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मौके पर मौजूद जिम्मेदार और गणमान्य लोगों की मौजूदगी में भी परिजनों को मरीज की स्थिति, जांचों और उपचार की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। फिलहाल परिजन शव को अपने साथ ले गए हैं। उन्होंने अभी किसी कानूनी कार्रवाई की मांग नहीं की है। घटना के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद रही।

