मुज़फ़्फ़रनगर। करोड़ों रुपये की कृषि भूमि पर कब्जे की कथित साजिश और एक विधवा महिला के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला रविवार को कलेक्ट्रेट पहुंच गया। पीड़ित महिला के रिश्तेदार देवल गांव के कई ग्रामीणों के साथ पंजाब से दोपहर करीब 12 बजे मुज़फ़्फ़रनगर पहुंचे और महिला की बरामदगी समेत कथित भूमाफिया गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। हालांकि रविवार की छुट्टी होने की वजह से उन्हें कलेक्ट्रेट अथवा SSP ऑफिस में कोई अधिकारी नहीं मिल सका।

पंजाब के जालंधर निवासी शिकायतकर्ता परमजीत सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि उनकी मौसी हरप्रीत कौर निवासी ग्राम देवल (तहसील जानसठ), जिला मुजफ्फरनगर मानसिक तनाव और बीमारी से जूझ रही हैं। उनके पति और जवान बेटे की पहले ही मृत्यु हो चुकी है, जिसके बाद से उनका इलाज पंजाब के एक अस्पताल में चल रहा है।
परमजीत सिंह का आरोप है कि हरप्रीत कौर के नाम ग्राम इशहाकवाला में लगभग 4.5060 हेक्टेयर कृषि भूमि है, जिसकी कीमत करीब 7.5 करोड़ रुपये है। आरोप है कि कुछ लोगों ने जमीन ठेके पर दिलाने का झांसा देकर 6 जून 2026 को उन्हें तहसील जानसठ ले जाकर धोखाधड़ी और जालसाजी के जरिए जमीन का रजिस्टर्ड इकरारनामा करा लिया। शिकायत में कहा गया है कि इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी किसी भी रिश्तेदार को नहीं दी गई।
गांव निवासी बलजीत सिंह ने बताया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से महिला की मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर जमीन हड़पने की साजिश रची। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि इस पूरे प्रकरण में कुछ कथित भूमाफिया और स्थानीय प्रभावशाली लोग शामिल हैं।
परमजीत सिंह ने आरोप लगाया कि 4 जुलाई की सुबह करीब चार बजे उनकी मौसी को कुछ लोग घर से अपने साथ ले गए। जब गांव वालों ने इसकी सूचना उन्हें दी तो वह तत्काल पंजाब से मुज़फ़्फ़रनगर पहुंचे, लेकिन हरप्रीत कौर घर पर नहीं मिलीं। इसके बाद उन्होंने उनके साथ अनहोनी की आशंका जताई।
पीड़ित ने गायब विधवा रिश्तेदार की तत्काल बरामदगी, कथित फर्जी इकरारनामे को निरस्त कराने और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो विवादित जमीन का बैनामा भी कराया जा सकता है।



